दैनिक खबरनामा। मुंबई, 11 अगस्त : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गांवों के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने ग्राम प्रधानों और अभिभावकों से बच्चों के लिए स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
अभिजीत दिपके ने लोगों से 15 अगस्त, भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इस अभियान के समर्थन में संकल्प लेने का आह्वान किया। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि पिछले 80 वर्षों में गांवों के सरकारी स्कूलों की कथित तौर पर उपेक्षा हुई है और वहां बुनियादी सुविधाओं के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
दिपके ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश में नई संसद और नया प्रधानमंत्री आवास बनाया जा सकता है, तो गांवों में नए और बेहतर स्कूल क्यों नहीं बनाए जा सकते? उन्होंने कहा कि क्या गांवों में किसानों और मजदूरों के बच्चों को देश का भविष्य नहीं माना जाता?
उन्होंने कहा कि गांवों के कई बच्चों को आज भी स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई स्कूलों में पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी उन्होंने मुद्दा उठाया।
दिपके ने खास तौर पर छात्राओं की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि बिना शौचालय जैसी सुविधाओं के छोटी बच्चियों के लिए स्कूल जाना कितना मुश्किल होता होगा। उन्होंने कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर यदि किसी मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, तो वह गांवों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की दिशा में नई शुरुआत करना होना चाहिए।
अपने गांव से करेंगे अभियान की शुरुआत
CJP संस्थापक ने बताया कि वह महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में स्थित अपने गांव हिंगोली जाएंगे और वहां के सरपंच से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की अपील करेंगे।
उन्होंने देशभर के गांवों के सरपंचों से भी अपील की कि वे अपने-अपने गांव के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए आगे आएं और बच्चों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में योगदान दें।
अभिभावकों से स्कूलों का सोशल ऑडिट करने की अपील
अभिजीत दिपके ने अभिभावकों से भी अपने बच्चों के स्कूलों का सोशल ऑडिट करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता स्कूलों में पानी, शौचालय और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जांच करें और कमियों को सामने लाएं।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में योगदान देने वाले ग्राम प्रधानों और अन्य लोगों के काम को CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूरी जानकारी, श्रेय और तस्वीरों के साथ प्रदर्शित किया जाएगा।
दिपके ने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए, ताकि गांवों के बच्चों को भी शहरों के बच्चों जैसी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।