दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 1 जून : पंजाब में निकाय चुनावों के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में सोमवार को पंजाब मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। खास बात यह है कि निकाय चुनावों के बाद शनिवार को भी कैबिनेट बैठक हुई थी और अब मात्र दो दिनों के भीतर दूसरी बार मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में राज्य सरकार कई अहम फैसले ले सकती है। सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव ठेकेदारी प्रथा को समाप्त करने और विभिन्न विभागों में कार्यरत 65 हजार से अधिक कर्मचारियों को नियमित करने से जुड़ा बताया जा रहा है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो यह राज्य के हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
इसके अलावा बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा। जनहित से जुड़े मुद्दों, विकास परियोजनाओं की प्रगति और लंबे समय से लंबित प्रशासनिक मामलों की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल रहने की संभावना है। कई विभागों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जा सकता है।
हालांकि सरकार की ओर से बैठक का विस्तृत एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि राज्य में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ वित्तीय मामलों और विभागीय कार्यों पर भी मंत्रियों के साथ विस्तार से चर्चा होगी।
निकाय चुनावों के नतीजों के बाद लगातार दूसरी बार हो रही इस कैबिनेट बैठक को सरकार की आगामी नीतियों और प्रशासनिक रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर इस बात पर टिकी है कि बैठक में कौन-कौन से बड़े फैसले लिए जाते हैं और उनका राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा कर्मचारियों पर क्या प्रभाव पड़ता है।