दैनिक खबरनामा। कुल्लू, 15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हिमाचल प्रदेश ज्वॉइंट पेंशनर्स फेडरेशन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को कुल्लू के ढालपुर मैदान में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उद्योग, संसदीय कार्य, श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान को फेडरेशन के पदाधिकारियों ने 6 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष एलआर गुलशन की अगुवाई में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभों को तुरंत जारी किया जाए, वरना प्रदेशभर के पेंशनर आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
ये हैं प्रमुख मांगें
फेडरेशन ने मंत्री के सामने मांग रखी कि संशोधित वेतनमान का जो एरियर अभी तक नहीं मिला है, उसे एक साथ दिया जाए। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली ग्रेच्युटी, पेंशन के कम्यूटेशन की राशि और अवकाश नकदीकरण का भुगतान भी तुरंत करने को कहा।
महंगाई राहत को लेकर फेडरेशन ने कहा कि जुलाई 2023 से जनवरी 2026 तक बनने वाली 15 फीसदी डीआर की पांच किस्तें अब तक बकाया हैं। साथ ही जनवरी 2022 से जुलाई 2026 तक का महंगाई भत्ता एरियर भी पेंशनरों को नहीं मिला है। इसे जल्द जारी करने की मांग की गई।
मेडिकल बिल और भवन का मुद्दा भी उठा
बुजुर्ग पेंशनरों के करोड़ों रुपये के मेडिकल बिल वर्षों से अटके हैं। फेडरेशन ने इसके भुगतान के लिए बजट में विशेष प्रावधान करने की मांग रखी। कुल्लू सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पेंशनर भवन बनाने और राज्य व जिला स्तर पर संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक तुरंत बुलाने की मांग भी पत्र में शामिल है।
एलआर गुलशन ने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए की एक भी किस्त नहीं दी गई है। सरकार द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 20 हजार रुपये, तृतीय श्रेणी को 30 फीसदी और प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को संशोधित वेतन का 15 फीसदी एरियर देने की घोषणा को उन्होंने अपर्याप्त बताया।
फेडरेशन ने साफ कहा कि प्रदेश के करीब 3 लाख 75 हजार कर्मचारी और पेंशनर सरकार से टकराव नहीं चाहते, लेकिन अगर मांगों की लगातार अनदेखी हुई तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
इस पर मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और जल्द उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।