दैनिक खबरनामा | 18 अगस्त | इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में करीब तीन साल से बंद इमरान खान को अदालत ने अगली सुनवाई तक शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। तीन जजों की बेंच ने अधिकारियों को उनके इलाज और विस्तृत स्वास्थ्य जांच की समुचित व्यवस्था करने को कहा है। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों के साथ उन्हें अस्पताल ले जाने का आदेश भी दिया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या उत्पन्न न हो।
मेडिकल रिपोर्ट पर कोर्ट चिंतित, पूरा रिकॉर्ड मांगा
इमरान खान से मुलाकात और उनके उपचार से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान जस्टिस शाहिद वहीद ने जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कई सवाल किए। अदालत ने पूछा कि इमरान खान की पूरी मेडिकल फाइल पेश करने के बजाय केवल मेडिकल रिपोर्ट का सारांश ही क्यों अदालत के सामने रखा गया।
जस्टिस वहीद ने रिपोर्ट में सामने आई स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं पर गंभीर रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट से इमरान खान की नब्ज और हृदय की स्थिति सामान्य नहीं दिख रही है और इसका असर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ने की आशंका दिखाई देती है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले इमरान खान का पूरा और विस्तृत मेडिकल रिकॉर्ड अदालत के समक्ष पेश किया जाए।
बहनों से मुलाकात के मामले में भी कोर्ट सख्त
सुनवाई के दौरान इमरान खान की बहनों से जेल में मुलाकात पर लगाए गए प्रतिबंधों का मुद्दा भी उठा। अदालत ने कहा कि परिवार के सदस्यों से मुलाकात व्यक्ति के मौलिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। जजों ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट के पूर्व निर्देशों का पालन नहीं होने को लेकर जेल प्रशासन से जवाब मांगा।
इस्लामाबाद के एडवोकेट जनरल ने अदालत को बताया कि पिछले तीन वर्षों में इमरान खान अपनी बहनों से 48 बार मिल चुके हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्रशासन से पिछले तीन वर्षों में इमरान खान से हुई सभी मुलाकातों तथा उनके बच्चों से हुई बातचीत का पूरा ब्योरा मांगा। अदालत ने अब उन्हें सप्ताह में एक बार परिवार से मिलने की अनुमति भी दे दी है।
इलाज को राजनीतिक रंग न देने की हिदायत
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति और उनके उपचार को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। अदालत ने PTI और इमरान खान के परिवार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें यह आश्वासन देना होगा कि इमरान से मुलाकात के बाद मीडिया के सामने कोई बयान या बातचीत नहीं की जाएगी।
PTI महासचिव सलमान अकरम राजा ने अदालत को भरोसा दिलाया कि इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट का इस्तेमाल किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। वहीं, अदालत के सवाल पर इमरान खान की बहन उज्मा खान के वकील ने बताया कि शिफा इंटरनेशनल (प्राइवेट) अस्पताल में होने वाले उपचार का खर्च वे स्वयं वहन करेंगे।
डॉ. फैसल सुल्तान और उज्मा खान रहेंगे साथ
अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि अस्पताल में उपचार के दौरान इमरान खान के विश्वसनीय चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान और उनकी बहन उज्मा खान उनके साथ मौजूद रहेंगी। उज्मा खान स्वयं डॉक्टर हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अगली सुनवाई तक इमरान खान शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में रहेंगे।
गर्मी की छुट्टियों के चलते मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने अदियाला जेल के वरिष्ठ अधिकारियों को उस दिन व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अदालत ने इमरान खान के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का विस्तृत विवरण भी मांगा है, जिनमें वे विचाराधीन मामलों में आरोपी हैं या जिनमें उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है।