दैनिक खबरनामा। चेंगलपट्टू, 20 अगस्त: राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस की कार्यसमिति के प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सीडब्ल्यूसी ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि पार्टी अब वंदे मातरम के केवल दो पद ही गाएगी। शाह ने इसे देश की भावना के खिलाफ बताया।
शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में लिए गए अपने पुराने प्रस्ताव को आधार बनाकर यह निर्णय किया है। उन्होंने याद दिलाया कि 1937 में भी वंदे मातरम को दो हिस्सों में बांटने का कदम उठाया गया था, ताकि एक विशेष समुदाय को साधा जा सके। उनके अनुसार उसी सोच ने आगे चलकर देश के विभाजन की पृष्ठभूमि तैयार की थी।
गृह मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए कांग्रेस की उस ऐतिहासिक भूल को ठीक किया है और उसे कानूनी मान्यता भी दी है। अब कांग्रेस फिर उसी रास्ते पर चल पड़ी है। यह साफ दिखाता है कि पार्टी की राजनीति तुष्टिकरण पर टिकी है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस निर्णय से न सिर्फ बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना का अपमान हुआ है, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान हुआ है जिन्होंने आजादी के लिए बलिदान दिया। शाह के मुताबिक, कांग्रेस आज अपने 1937 के प्रस्ताव को लागू कर रही है, लेकिन संसद द्वारा पारित कानून को दरकिनार कर रही है।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर तुष्टिकरण की राह पर लौट आई है। उन्होंने कहा, “देश पहले ही वंदे मातरम को विभाजित करने की गलती की कीमत चुका चुका है। अब जनता को इस फैसले के खिलाफ एकजुट होना होगा और यह संदेश देना होगा कि ऐसी राजनीति अब स्वीकार नहीं होगी।”
भाजपा ने भी कांग्रेस के इस प्रस्ताव की निंदा की है और इसे राष्ट्रहित के खिलाफ बताया है।