कंपनी ने 1,730 मेगावाट क्षमता बढ़ाई, 13,302.39 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन
दैनिक खबरनामा शिमला, 31 अगस्त : अग्रणी नवरत्न सीपीएसई एसजेवीएन लिमिटेड की 38वीं वार्षिक आम बैठक शुक्रवार को कंपनी के कॉरपोरेट मुख्यालय शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/ओएवी माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की परिचालन, वित्तीय और रणनीतिक उपलब्धियों की जानकारी दी।
बैठक में निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त) पार्थजीत डे, निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल, विद्युत मंत्रालय के अपर सचिव एवं भारत सरकार के नामित निदेशक दिवाकर नाथ मिश्रा, स्वतंत्र निदेशक आरती कुजूर, विद्युत मंत्रालय के निदेशक (हाइड्रो) एवं भारत के राष्ट्रपति के प्रतिनिधि संतोष कुमार, हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव एमपीपी एवं पावर तथा राज्यपाल के प्रतिनिधि रमन घरसंघी और कंपनी सचिव सौमेंद्र दास सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
1,730 मेगावाट क्षमता की वृद्धि
भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 एसजेवीएन के लिए रिकॉर्ड विद्युत उत्पादन, महत्वपूर्ण क्षमतागत वृद्धि और प्रमुख विद्युत परियोजनाओं की कमीशनिंग का वर्ष रहा। इस दौरान एसजेवीएन और उसकी अधीनस्थ कंपनियों ने 1,730 मेगावाट की स्थापित क्षमता जोड़ी, जबकि सभी प्रचालनरत विद्युत स्टेशनों से 13,302.390 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया गया।
एसजेवीएन के 1,500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने भी अपनी कमीशनिंग के बाद से कुल 150 बिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया। स्टेशन ने 96.84 प्रतिशत का प्रभावी संयंत्र उपलब्धता फैक्टर हासिल किया। वहीं 412 मेगावाट रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने 2,108 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया।
60 मेगावाट नैटवाड़ मोरी जलविद्युत स्टेशन ने भी अपनी डिजाइन ऊर्जा को पीछे छोड़ते हुए 310.36 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया, जो निर्धारित डिजाइन ऊर्जा से करीब 17 प्रतिशत अधिक है।
राजस्व बढ़कर 4,722.81 करोड़ रुपये
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में समेकित आधार पर एसजेवीएन का राजस्व बढ़कर 4,722.81 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष 3,376.50 करोड़ रुपये था। कर पूर्व लाभ भी 1,111.69 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,200.63 करोड़ रुपयेहो गया। कंपनी का समेकित कर पश्चात लाभ 641.85 करोड़ रुपये रहा।
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी की कुल आय 3,252.44 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,869.66 करोड़ रुपये हो गई, जबकि कर पश्चात लाभ 970.18 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,007.90 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी ने वर्ष के दौरान पहले ही भुगतान किए गए 1.15 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त 0.35 रुपये प्रति शेयर अंतिम लाभांश को मंजूरी दी। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल लाभांश 1.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर हो गया।
सौर और ताप विद्युत क्षेत्र में विस्तार
भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि 1,000 मेगावाट बीकानेर सौर विद्युत परियोजना ने वर्ष के दौरान अपनी पूरी क्षमता के साथ वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया और कम समय में ही एक बिलियन यूनिट से अधिक संचयी विद्युत उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया। असम की 70 मेगावाट धुबरी सौर विद्युत परियोजना को भी कमीशन किया गया।
इसके अलावा 1,320 मेगावाट बक्सर ताप विद्युत परियोजना की 660 मेगावाट यूनिट-I ने वाणिज्यिक परिचालन हासिल किया। इसके साथ ही एसजेवीएन ने बड़े पैमाने पर ताप विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में प्रवेश किया। परियोजना की दूसरी 660 मेगावाट यूनिट भी उन्नत चरण में है और जल्द कमीशन होने की उम्मीद है।
निर्माणाधीन परियोजनाओं में भी तेजी
नेपाल में 900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजना के सिविल, हाइड्रो-मैकेनिकल, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल और ट्रांसमिशन कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और परियोजना पूर्णता के करीब पहुंच गई है।
इसके अलावा 382 मेगावाट सुन्नी बांध, 210 मेगावाट लूहरी स्टेज-I और 69.50 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजनाओं में भी निर्माण गतिविधियों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की।
सीएसआर पर 30.72 करोड़ रुपये खर्च
कंपनी ने वित्तीय वर्ष के दौरान कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व और सतत विकास गतिविधियों पर 30.72 करोड़ रुपये खर्च किए। एसजेवीएन फाउंडेशन के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में विभिन्न पहल जारी रखी गईं।
कंपनी को मानव संसाधन प्रबंधन में स्कोप एमिनेंस अवॉर्ड, राजभाषा प्रभा अवॉर्ड, नेशनल क्लीन इंडस्ट्री अवॉर्ड्स-2025 और स्वच्छता पखवाड़ा अवॉर्ड्स-2025 सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार भी प्राप्त हुए। एसजेवीएन ने डीपीई के तहत ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग को भी बरकरार रखा है।
2026-27 में 75 मेगावाट क्षमता और बढ़ी
वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कंपनी के प्रदर्शन की जानकारी देते हुए भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि बिहार में 75 मेगावाट जमुई सौर ऊर्जा परियोजना को सफलतापूर्वक कमीशन किया गया है। इसके साथ एसजेवीएन के पोर्टफोलियो में 75 मेगावाट की अतिरिक्त स्थापित क्षमता जुड़ी है और कंपनी का परिचालन पोर्टफोलियो बढ़कर 4,271.50 मेगावाट हो गया है।
उन्होंने भारत सरकार, राज्य सरकारों, विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों, शेयरधारकों और सहयोगी संस्थानों के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने निदेशक मंडल और एसजेवीएन के कर्मचारियों के समर्पण को कंपनी की वास्तविक ताकत बताया।
अंत में भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि एसजेवीएन भारत सरकार के वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने और वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य में अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।