दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 22 अक्टूबर: पंजाब विश्वविद्यालय ने आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए 942.21 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। बजट को बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में पास किया गया, जिसमें कर्मचारियों के वेतन, छात्रों से जुड़ी सुविधाओं, परीक्षा प्रणाली, शोध कार्यों और कैंपस के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक अहम फैसला लिया गया है। विश्वविद्यालय में पार्ट-टाइम काउंसलर्स की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 की जाएगी। साथ ही काउंसलर्स के मासिक मानदेय में भी इजाफा किया गया है, जिसे 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रति काउंसलर कर दिया गया है।
यह बैठक कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में यूजीसी के वित्तीय सलाहकार सुदीप सिंह जैन, यूटी प्रशासन के वित्त सचिव के प्रतिनिधि एससीएलए सुरेश कुमार, पंजाब सरकार के प्रतिनिधि, रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा, वित्त एवं विकास अधिकारी डॉ. विक्रम नैयर, शिक्षक संघ पुटा के अध्यक्ष प्रो. अमरजीत सिंह नूरा और कर्मचारी संघ पुसा के अध्यक्ष हनी ठाकुर मौजूद रहे।
बजट अनुमान के मुताबिक, 2027-28 में पीयू को कुल 942.21 करोड़ की आय होने की उम्मीद है। इसमें से 436.91 करोड़ रुपये यूजीसी से, 107.78 करोड़ रुपये पंजाब सरकार से और 397.52 करोड़ रुपये विश्वविद्यालय की अपनी आय से प्राप्त होंगे।
इस तरह कुल बजट में यूजीसी की हिस्सेदारी 46.37%, पंजाब सरकार की 11.44% और विश्वविद्यालय की खुद की आय की हिस्सेदारी 42.19% रहेगी। पिछले वित्तीय वर्ष 2026-27 का संशोधित बजट 902.68 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले इस बार बजट में 39.53 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
शोध और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक विभागों में रिसर्च और अकादमिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए 11.69 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं डाटा सेंटर को आधुनिक बनाने, आईटी सिस्टम को अपग्रेड करने और नए फायरवॉल व सर्वर खरीदने के लिए 5.97 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। लॉ ऑडिटोरियम में बिजली की खपत कम करने वाले सेंट्रल एसी प्लांट लगाने की भी योजना है।
इसके अतिरिक्त पुस्तकों, जर्नल्स, रिसर्च मैटेरियल, स्कॉलरशिप और फेलोशिप के लिए 25.23 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
हॉस्टलों की मरम्मत के लिए करोड़ों मंजूर
छात्रों और स्टाफ की सुविधाओं को बेहतर करने के लिए हॉस्टल और अन्य भवनों की मरम्मत पर भी बड़ी राशि खर्च की जाएगी। ब्वॉयज हॉस्टल नंबर 3 और 7 के वॉशरूम की रिपेयरिंग के लिए 2.02 करोड़ रुपये, गैर-आवासीय इमारतों की छतों की मरम्मत के लिए 3.58 करोड़ रुपये और रिहायशी मकानों के शौचालयों के नवीनीकरण के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक विभागों में ऑफिस उपकरणों के लिए 2.38 करोड़ रुपये, फर्नीचर के लिए 1 करोड़ रुपये और विभागों व रीजनल सेंटर्स में फैकल्टी रूम के एसी सिस्टम और इलेक्ट्रिकल फिटिंग के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शूटिंग रेंज और फिजियोथेरेपी सेंटर को भी सौगात
कैप्टन विक्रम बत्रा शूटिंग रेंज में इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम लगाने के लिए 40 लाख रुपये और फिजियोथेरेपी सेंटर के लिए नए उपकरण खरीदने को 45 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
स्क्राइब का मानदेय बढ़ा
दिव्यांग छात्रों की परीक्षा में मदद करने वाले स्क्राइब के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। मई 2025, दिसंबर 2025 और मई 2026 की सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए 400 रुपये प्रति परीक्षा मानदेय तय किया गया था, जिसे अब 2026 से होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए बढ़ाकर 500 रुपये प्रति परीक्षा कर दिया गया है। एक सेमेस्टर में एक स्क्राइब को अधिकतम 5,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। वहीं मिड-टर्म परीक्षाओं के लिए 150 रुपये प्रति परीक्षा मानदेय तय किया गया है, जिसमें एक मिड-सेमेस्टर परीक्षा के लिए अधिकतम 1,000 रुपये दिए जाएंगे।