दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 27 अक्टूबर 2026. पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब, राज्य पुलिस नोडल अधिकारी तथा केंद्रीय और राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक कर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) को लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की प्रक्रिया 12 नवंबर से शुरू होगी। यह प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी प्रतिदिन इसकी निगरानी करेंगे, ताकि सभी निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।
कार्यशाला में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के विशेषज्ञ इंजीनियरों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ईवीएम तथा वीवीपैट की जांच से संबंधित तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इस दौरान मशीनों की जांच का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया और प्रतिभागियों को स्वयं प्रक्रिया समझने का अवसर दिया गया। इसके बाद सवाल-जवाब और शंकाओं के समाधान का सत्र भी आयोजित किया गया।
कार्यशाला में जिला निर्वाचन अधिकारियों, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, एफएलसी नोडल अधिकारियों, मास्टर ट्रेनरों, बीईएल विशेषज्ञों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान जांच प्रक्रिया में निर्धारित प्रोटोकॉल, सावधानी और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला के बाद निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय और राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ अलग से समीक्षा बैठक की। इसमें चुनाव के दौरान एजेंसियों की तैयारियों, आपसी समन्वय और उनकी जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पंजाब विधानसभा चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न हों।