दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 29 अक्टूबर: नगर निगम चुनाव से पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने शराब की अवैध सप्लाई पर रोक लगाने के लिए शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आबकारी विभाग की टीमों ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 में स्थित पांच बड़े डिस्टलरी और बॉटलिंग प्लांट्स पर छापा मारकर स्टॉक और दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान पांचों प्लांट्स में कुछ कमियां मिली हैं।
विभाग ने संबंधित संचालकों से जवाब मांगा है। यह कार्रवाई एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर कम डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव के निर्देश पर की गई। विभाग की अलग-अलग टीमों ने प्लांट्स में शराब के स्टॉक, उत्पादन से जुड़े रिकॉर्ड और कच्चे माल के दस्तावेजों की पड़ताल की।
खास तौर पर शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) और स्प्रिट के स्टॉक का मिलान किया गया। टीमों ने प्लांट्स में मौजूद स्टॉक का रिकॉर्ड से मिलान करने के साथ इन-आउट रजिस्टर भी खंगाले। इनके जरिए यह जांच की गई कि कितना कच्चा माल प्लांट में आया, कितना इस्तेमाल हुआ और कितनी शराब तैयार कर आगे भेजी गई।
अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की, ताकि स्टॉक और रिकॉर्ड में किसी तरह के अंतर का पता लगाया जा सके। हाल के दिनों में चंडीगढ़ में बनी शराब का स्टॉक अलग-अलग जगहों पर अवैध तरीके से पकड़े जाने के बाद विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। जांच में सामने आई कमियों को लेकर अब प्लांट संचालकों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।