दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़/पटियाला, 29 अक्टूबर 2026. पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने अक्टूबर 2026 की मासिक नवाचार प्रतियोगिता में चयनित विचारों को लागू करने के लिए 14 टीम लीडर नियुक्त किए हैं। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान और बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों के रचनात्मक विचारों को व्यावहारिक सुधारों में बदलना, कार्यक्षमता बढ़ाना और बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है।
पीएसपीसीएल ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले कर्मचारियों को प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त सात अन्य प्रतिभागियों को भी अपने-अपने विचारों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चयनित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और उनकी नियमित निगरानी के लिए एक व्यवस्थित कार्ययोजना तैयार की गई है।
नियुक्त टीम लीडरों में मुख्य अभियंता/मीटरिंग इंजीनियर विकास शर्मा, उप मुख्य अभियंता इंजीनियर गुलशन चुटानी, उप मुख्य अभियंता इंजीनियर जसवीर धीमान, अधीक्षण अभियंता इंजीनियर परउपकार सिंह, अधीक्षण अभियंता इंजीनियर अमनदीप सिंह, अधीक्षण अभियंता इंजीनियर चरण कंवल सिंह, सीएओ/मुख्यालय सीएमए जसविंदर सिंह, सीएफओ सीए सुमित बंसल, एएसई इंजीनियर गुरविंदर सिंह, वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता इंजीनियर हरमनदीप सिंह, एईई इंजीनियर प्रिंस कुमार, एईई इंजीनियर पियूष गर्ग, एईई इंजीनियर गौरव गुप्ता और एईई इंजीनियर ओंकारप्रीत सिंह शामिल हैं।
ये टीम लीडर संबंधित परियोजनाओं की योजना बनाने, विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और चयनित विचारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिम्मेदार होंगे। संबंधित विभागाध्यक्ष आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध करवाएंगे, जबकि टीम लीडरों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी करने और अपेक्षित परिणाम हासिल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पीएसपीसीएल ने निर्देश दिए हैं कि सभी टीम लीडर 31 अक्टूबर, 2026 तक अपने-अपने प्रोजेक्टों के पीईआरटी (प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्नीक) चार्ट जमा करवाएं। इन चार्टों में परियोजनाओं की गतिविधियों, महत्वपूर्ण चरणों, कार्यान्वयन कार्यक्रम और निर्धारित समय-सीमा का विस्तृत विवरण होगा। इससे परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
यदि चयनित विचारों को लागू करने के लिए मौजूदा नियमों में संशोधन, नए नियम बनाने या आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत पड़ती है, तो संबंधित निदेशक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई शुरू करेंगे। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक और प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करने में सहायता मिलेगी।
पीएसपीसीएल की इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों की नवाचारपूर्ण सोच को प्रोत्साहित करना, संगठनात्मक कार्यक्षमता मजबूत करना और उपयोगी सुझावों को ठोस सुधारों में बदलना है। इससे कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने और बिजली सेवाओं में निरंतर सुधार की संस्कृति विकसित करने में मदद मिलेगी।