दैनिक खबरनामा | 30 अक्टूबर | देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हो गया। बदरीनाथ धाम से श्रद्धालुओं को लेकर देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड लौट रहा निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर उड़ान के करीब 15 मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट समेत सभी छह लोगों की जान चली गई। हेलीकॉप्टर में सवार पांचों यात्री कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के निवासी थे। प्रारंभिक आशंका है कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर जोशीमठ के चाईं गांव के पास एक चट्टान से टकरा गया। घटना के बाद पुलिस, एसडीआरएफ, सेना और आईटीबीपी की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।
उड़ान के 15 मिनट बाद ATC से टूटा संपर्क
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के ‘HCX’ हेलीकॉप्टर ने बदरीनाथ धाम स्थित राज्य सरकार के हेलीपैड से सहस्रधारा, देहरादून के लिए उड़ान भरी थी। करीब 15 मिनट बाद ज्योर्तिमठ (जोशीमठ) और बदरीनाथ के बीच दुर्गम घाटी में हेलीकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और रेडियो ट्रांसमिशन (RT) से संपर्क अचानक कट गया।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के कर्मचारियों के मुताबिक, रडार पर हेलीकॉप्टर की आखिरी लोकेशन जोशीमठ के चाईं गांव के ऊपर स्थित सेना कैंप के नजदीक दर्ज हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि क्षेत्र में घने बादलों और बेहद कम दृश्यता के कारण पायलट नियंत्रण खो बैठा और हेलीकॉप्टर ऊंची चट्टान से जा टकराया।
खराब मौसम के बीच बचाव अभियान में मुश्किलें
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने जोशीमठ और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में तलाशी एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। एसडीएम के नेतृत्व में एसडीआरएफ और आईटीबीपी के जवान दुर्गम रास्तों से होते हुए संभावित दुर्घटनास्थल तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
इलाके में मौसम खराब होने, घने बादल छाए रहने और पहाड़ियों पर हल्की बर्फबारी के चलते राहत अभियान में बाधाएं आ रही हैं। उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि जमीनी स्तर पर तलाश अभियान तेज कर दिया गया है। मौसम और दृश्यता में सुधार होते ही रेस्क्यू हेलीकॉप्टरों की मदद से हवाई सर्च भी शुरू की जाएगी।
पायलट हिमांशु समेत छह लोगों की गई जान
हादसे का शिकार हुए हेलीकॉप्टर में कुल छह लोग सवार थे। इनमें पायलट हिमांशु के अलावा बेंगलुरु से बदरीनाथ दर्शन के लिए आए पांच श्रद्धालु शामिल थे। मृतकों की पहचान प्रथापा, अरुण सालुंके, शंकरगौड़ा वीजी, सुधीर के और एच.एस. नागाराजा के रूप में हुई है।
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को हादसे की जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दुर्घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है।