राजस्थान 11 जनवरी (दैनिक खबरनामा)श्रीगंगानगर साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित के नाम से इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर “बढ़िया फॉलोअर्स दिलाने” का झांसा दिया और व्हाट्सएप के माध्यम से पेमेंट व यूपीआई कोड भेजकर रकम ऐंठी।कड़ी साइबर जांच के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को धर दबोचा और कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वीर सिंह और विक्रम गुर्जर, निवासी सवाई माधोपुर के रूप में हुई है।इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली साइबर टीम में सतवीर पुनी, महेन्द्र राम, जितेन्द्र कुमार और विक्रम सिंह शामिल रहे। पूरी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में की गई।पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के फॉलोअर्स, प्रमोशन या निवेश के नाम पर मांगी जा रही रकम से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें।
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सीधी | 29 दिसंबर | अमित मिश्रा सीधी जिले के मझौली क्षेत्र अंतर्गत पांढ, ताला एवं मझौली धान खरीदी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जबकि जिला कलेक्टर सीधी द्वारा उपार्जन केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं और कई स्थानों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है, इसके बावजूद कुछ प्रभारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मझौली खरीदी केंद्र स्थित पांढ व ताला क्षेत्र का है, जहां उपार्जन केंद्र प्रभारी नियमों को ताक पर रखकर धान खरीदी कर रहे हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी को न तो किसी अधिकारी का डर है और न ही किसी कार्रवाई की परवाह। पूर्व में अधिकारियों द्वारा खरीदी केंद्र का निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित 41 किलो की जगह 41 किलो 200 ग्राम तक धान भरवाया जा रहा है। इतना ही नहीं, नियमों के विपरीत धान की तौल और बोरा भराई का कार्य किसान स्वयं करने को मजबूर हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि अतिरिक्त धान भरवाने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, लेकिन मजबूरी में वे इस व्यवस्था को सहन कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि कलेक्टर के सख्त निर्देशों और पूर्व निरीक्षण के बावजूद आखिर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी उपार्जन केंद्र प्रभारियों पर कब सख्त कार्रवाई करता है।
- Vishal
- December 29, 2025