उत्तराखंड 12 जनवरी (अपनी खबरनामा) उत्तराखंड के देहरादून में बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी तरीके से भारतीय पहचान दिलाने का संगठित खेल सामने आने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की व्यापक जांच के आदेश जारी किए हैं।पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि शहर औरआसपास के इलाकों में संचालित कुछ सीएससी के माध्यम से बांग्लादेशी
नागरिकों के आधार कार्ड, पहचान पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि देहरादून में अब तक कितने ‘अवैध भारतीय’ बनाए जा चुके हैं।सूत्रों के अनुसार, हाल ही में पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों के पास से बरामद दस्तावेज तकनीकी रूप से वैध प्रतीत हो रहे थे, लेकिन जांच में इनके पीछे की पूरी प्रक्रिया फर्जी पाई गई। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वे न केवल देहरादून में रह रहे थे, बल्कि सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और अन्य सुविधाओं का भी लाभ उठा रहे थे।जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी पहचान पत्र सीधे सिस्टम के जरिए बनाए गए। इसके लिए जानबूझकर गलत पते, फर्जी पारिवारिक विवरण और मनगढ़ंत पहचान संबंधी जानकारी फीड की गई। कई मामलों में स्थानीय स्तर पर होने वाली सत्यापन प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।अब जिला प्रशासन यह जांच कर रहा है कि किन-किन सीएससी से कितने फर्जी दस्तावेज जारी हुए, इसके बदले कितनी रकम ली गई और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।