हिमाचल प्रदेश 8 फरवरी 2026 ( दैनिक खबरनामा) हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में किताबों, कॉपियों और वर्दी की खरीद को लेकर अभिभावकों पर बनाए जा रहे दबाव के मामलों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल अभिभावकों को एक ही निर्धारित दुकान से किताबें, कॉपियां और स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। इसे लेकर अब शिक्षा विभाग ने निजी शिक्षण संस्थान अधिनियम 1997 के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सेकेंडरी और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों के साथ-साथ स्कूल प्रबंधकों,प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि हर शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले पीटीए के माध्यम से अभिभावकों का जनरल हाउस आयोजित किया जाए। इस बैठक में किताबों और वर्दी खरीद को लेकर किसी भी प्रकार की जबरदस्ती पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा और अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जनरल हाउस में लिए गए निर्णयों को स्कूल के नोटिस बोर्ड और आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि कोई भी स्कूल स्वयं किताबें नहीं बेच सकता और न ही अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य कर सकता है।शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों की अनदेखी की जाती है या विभाग को शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्कूल का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) रद्द किया जा सकता है। इससे निजी स्कूलों में अभिभावकों से हो रही कथित मनमानी पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
You May Also Like
हिमाचल-पंजाब सीमा विवाद ने पकड़ा तूल, निहंग संगठनों ने लगाया ‘खालसा टैक्स नाका’
- Editorial Team
- June 3, 2026
मंडी नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, कांग्रेस को बड़ा झटका
- Editorial Team
- May 31, 2026
कुल्लू में सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, राजमार्ग पर सुरक्षित उतारा गया पैराग्लाइडर
- Editorial Team
- May 31, 2026
एंट्री टैक्स बढ़ोतरी पर हिमाचल में बवाल, 52 प्रवेश द्वारों पर प्रदर्शन; मनाली हाईवे पर हजारों वाहन फंसे
- Editorial Team
- June 1, 2026