नई दिल्ली 17 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) नई दिल्ली
शिमला हिमाचल प्रदेश में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने शिमला जिले के बागी और रतनाड़ी क्षेत्रों में हाईकोर्ट के आदेशों के तहत चल रही विभागीय कार्रवाई और अंतरिम निर्देशों पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को तय की गई है।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जयमाल्य बागची की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि 16 दिसंबर 2025 को अतिक्रमण मामलों में नीति बनाने के दिए गए आदेशों पर राज्य सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं, इसकी विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट पेश की जाए। अदालत ने हाईकोर्ट में लंबित अतिक्रमण मामलों की आगे की कार्यवाही पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
दरअसल, हिमाचल हाईकोर्ट ने बागी और रतनाड़ी से जुड़ी एक जनहित याचिका में जिला उपायुक्त शिमला और डीएफओ ठियोग को सभी अतिक्रमणकारियों का विस्तृत ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया था। इसमें संबंधित व्यक्ति का नाम, गांव, निजी भूमि का विवरण और वन भूमि पर कथित कब्जे का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया था। यह रिपोर्ट 15 फरवरी 2026 तक अदालत में दाखिल करने को कहा गया था।इसी आदेश को चुनौती देते हुए बागी क्षेत्र के कुछ निवासियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि नीति बने बिना बेदखली की कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। उधर किसान संगठनों ने भी राज्य सरकार पर देरी का आरोप लगाया है। अब सभी की नजर 6 अप्रैल की सुनवाई और सरकार की अनुपालन रिपोर्ट पर टिकी है।