चंडीगढ़ 4 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में झूठा हलफनामा दाखिल करने के मामले में चंडीगढ़ की अदालत ने वकील वरिंदर कौर को दोषी करार दिया है। यह मामला हाईकोर्ट की ओर से उसके रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से दायर की गई शिकायत पर आधारित था। सुनवाई चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट, चंडीगढ़ में हुई, जहां सीजेएम सचिन यादव ने अपना फैसला सुनाया।सरकारी पक्ष के अनुसार, वरिंदर कौर ने वर्ष 2016 में हाईकोर्ट में एक केस दायर किया था। सुनवाई के दौरान 10 दिसंबर 2018 को अदालत ने उनसे शपथपत्र के माध्यम से यह स्पष्ट करने को कहा था कि संबंधित मकान के अलावा उनके नाम पर कोई अन्य संपत्ति है या नहीं। अदालत के निर्देश पर 13 दिसंबर 2018 को दायर हलफनामे में वरिंदर कौर ने कहा कि उनके पास केवल एक ही रिहायशी मकान है और इसके अतिरिक्त कोई अन्य अचल संपत्ति नहीं है।
हालांकि, मामले में दूसरे पक्ष की ओर से पेश किए गए जमाबंदी रिकॉर्ड में खुलासा हुआ कि होशियारपुर जिले के गांव गरशंकर में उनके नाम जमीन में हिस्सा दर्ज है। इस दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर यह साबित हुआ कि हलफनामे में संपत्ति संबंधी तथ्य छिपाए गए थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 20 मई 2019 को टिप्पणी करते हुए इसे तथ्यों को छिपाने और अदालत को गुमराह करने का प्रयास माना तथा संबंधित कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद दर्ज शिकायत पर ट्रायल चला और अब चंडीगढ़ की अदालत ने वकील को दोषी ठहराया है।
अदालत के इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।