चंडीगढ़ 13 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) Punjab and Haryana High Court ने चंडीगढ़ में सरकारी आवासों पर लंबे समय से कब्जा जमाए बैठे लोगों के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान सेक्टर-35 की एक कोठी का मुद्दा उठाया गया, जिसमें आवंटन अवधि समाप्त होने के बावजूद लोग रह रहे हैं।अदालत को बताया गया कि कोठी में पूर्व मुख्यमंत्री Beant Singh का परिवार रहता है और वर्तमान में यहां प्रकाश सिंह रह रहे हैं, जिनके बेटे केंद्रीय मंत्री हैं। इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हत्या को 32 साल बीत चुके हैं, अब परिवार को किस प्रकार का खतरा है। अदालत ने प्रशासन से कहा कि परिवार को सरकारी आवास खाली करने के लिए कहा जाए।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि कुछ लोग वर्षों से सरकारी मकानों में रह रहे हैं, जबकि उनके आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। अदालत ने विशेष रूप से सेक्टर-35 के मकान नंबर-33 में रह रहे प्रकाश सिंह के मामले पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछा कि जब आवंटन रद्द करने की कार्यवाही चल रही है तो संबंधित व्यक्ति पिछले छह साल से सरकारी मकान में कैसे रह रहा है।पीठ ने यह भी पूछा कि क्या उनसे व्यावसायिक दरों पर किराया वसूला जा रहा है और यदि हां, तो इसका रिकॉर्ड अदालत के सामने क्यों नहीं रखा गया। अदालत ने कहा कि यदि नियमों के विरुद्ध कब्जा है तो प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है।प्रशासन की ओर से दलील दी गई कि संबंधित व्यक्ति का नाम पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के परिवार से जुड़ा है और उन्हें सुरक्षा खतरा हो सकता है। इस पर अदालत ने पूछा कि खतरे का आधार क्या है और क्या इस संबंध में कोई खुफिया रिपोर्ट मौजूद है। प्रशासन ने बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट के अनुसार परिवार को आज भी खतरा है और ऐसी कोई अन्य कोठी उपलब्ध नहीं है जहां चारों ओर से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े अधिकारियों के पास कुल 32 से अधिक सरकारी मकान हैं। हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि पूरे मामले का स्पष्ट रिकॉर्ड और विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई पर पेश की जाए तथा अवैध कब्जों को हटाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।