पंजाब 14 मार्च 2026 (जगदीश कुमार) पंजाब के एस.ए.एस. नगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कुल 24,992 मामलों को सुनवाई के लिए रखा गया, जिनमें से 23,412 मामलों का आपसी समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निपटारा कर दिया गया। विभिन्न लोक अदालत बेंचों द्वारा कुल 167 करोड़ 75 लाख 30 हजार 429 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश तथा पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति महाबीर सिंह सिंधू के मार्गदर्शन में मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी में कुल 27 लोक अदालत बेंच स्थापित की गईं।लोक अदालत में कुल 24,992 प्री-लिटिगेटिव और लंबित मामलों को सुनवाई के लिए लिया गया। इनमें आपराधिक समझौता योग्य मामले, एनआई एक्ट की धारा 138 से जुड़े मामले, बैंक रिकवरी केस, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) मामले, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले, बिजली और पानी के बिल संबंधी मामले (गैर-समझौता योग्य चोरी के मामलों को छोड़कर), वेतन और भत्तों तथा सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़े सेवा मामले, राजस्व मामले और अन्य दीवानी मामले शामिल थे।राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जिला मुख्यालय में 16 बेंच गठित की गईं, जिनकी अध्यक्षता विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने की। इसके अलावा उपमंडल खरड़ में 5 बेंच और उपमंडल डेराबस्सी में 6 बेंचों का गठन किया गया, जिनमें न्यायिक अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की सचिव सुरभि प्रशर ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल कसाना की ओर से न्यायिक अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों—जैसे बैंक, बिजली विभाग, श्रम विभाग और बीमा कंपनियों—के साथ कई बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों के माध्यम से अधिकारियों को लोक अदालत के महत्व के बारे में जागरूक किया गया और अधिक से अधिक मामलों की पहचान कर उन्हें प्री-लोक अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निपटाने के लिए प्रेरित किया गया।