चंडीगढ़, 22 मार्च 2026(दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ चार दिवसीय हरियाणवी ‘सांग उत्सव-26’ का कलाग्राम में रविवार को भव्य समापन हुआ। नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर आयोजित इस उत्सव ने हरियाणा की समृद्ध लोक कला और सांस्कृतिक विरासत की शानदार झलक पेश की। खराब मौसम और बादलों के बीच भी बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक लोक नाट्य का आनंद लेने पहुंचे।समापन दिवस पर प्रसिद्ध सांग कलाकार संजय मलिक और उनकी टीम ने मंच संभालते हुए अपनी प्रस्तुति “राजा वीर विक्रमजीत खंडेराव परी…” से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी रागिनी “केह के उल्टा…” और “पकड़ कलेजा रोण लागी…” ने श्रोताओं को भावुक कर दिया और पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।इसके बाद मुख्य कलाकार रामशरण और उनकी मंडली ने राजकुमार चंदरहास की कहानी को हरियाणवी शैली में प्रस्तुत किया। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता पर आधारित रागिनी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। भावनात्मक गहराई और मधुर गायन से सजी इस प्रस्तुति को खूब सराहा गया।
सांग, जो टीवी और इंटरनेट से पहले मनोरंजन और सामाजिक जागरूकता का प्रमुख माध्यम रहा है, आज भी हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखे हुए है। इस उत्सव की विशेषता यह रही कि इसमें संवाद, संगीत और अभिनय का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला।इस मौके पर एनजेडसीसी के निदेशक मोहम्मद फुरकान खान ने दर्शकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना बेहद जरूरी है।कार्यक्रम का संचालन हरियाणा की लोकप्रिय स्टैंडअप कॉमेडियन रेनू दुहान ने किया, जिन्होंने अपनी देसी हरियाणवी हास्य शैली से माहौल को खुशनुमा बनाए रखा।