पंजाब 24 मार्च 2026 (दैनिक खबरनामा) पंजाब के कार्यालय, जिला जनसंपर्क अधिकारी, साहिबजादा अजीत सिंह नगर के अनुसार, पंजाब एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए राज्य एनएसएस सम्मेलन का आज मोहाली स्थित चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, घड़ुआं में उत्साहपूर्वक शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन में लगभग 250 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें राज्य एनएसएस अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक, कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एवं विभिन्न संस्थानों से चयनित वालंटियर शामिल थे।यह दो दिवसीय सम्मेलन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करना और राष्ट्र निर्माण के लक्ष्यों के अनुरूप युवा-नेतृत्व वाले सामुदायिक विकास को बढ़ावा देना है।उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री प्रेरणा पुरी, आईएएस, सचिव, शिक्षा, चंडीगढ़ प्रशासन उपस्थित रहीं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में श्री कोमल सिंह चौधरी, प्रतिनिधि निदेशक, एनएसएस; श्री कुलविंदर सिंह, उप निदेशक, युवा सेवाएं, पंजाब सरकार; श्रीमती रुपिंदर कौर, राज्य एनएसएस अधिकारी, पंजाब; डॉ. नेमी चंद गोलिया, राज्य एनएसएस अधिकारी, चंडीगढ़ प्रशासन; प्रो. (डॉ.) रविराजा एन. सीताराम, कुलपति, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय; प्रो. (डॉ.) देविंदर सिंह, प्रो-उपकुलपति; तथा ब्रिगेडियर (डॉ.) गगन दीप सिंह बाठ, कार्यकारी निदेशक, छात्र कल्याण एवं प्रशासन विभाग शामिल रहे।मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में सामाजिक रूप से जिम्मेदार युवाओं के निर्माण में एनएसएस की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं को सामुदायिक सहभागिता और सेवा भावना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का मंच प्रदान करती है। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारियों को आधुनिक उपकरणों, नेतृत्व कौशल और नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण से सशक्त बनाने पर भी जोर दिया, ताकि स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण, जन स्वास्थ्य और सामाजिक समावेशन जैसे विषयों पर प्रभावी मार्गदर्शन मिल सके।इस दौरान श्री जय भगवान, क्षेत्रीय निदेशक, एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालय, चंडीगढ़ ने एनएसएस की प्रमुख प्राथमिकताओं और चल रही पहलों की जानकारी दी तथा कार्यक्रम अधिकारियों को नवाचारपूर्ण और सामुदायिक उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।सम्मेलन के पहले दिन विभिन्न संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें एनएसएस कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और संस्थानों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर चर्चा हुई।सम्मेलन का दूसरा दिन कल आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण में एनएसएस की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे।