चंडीगढ़ 26 दिसम्बर (जगदीश कुमार)सेक्टर-39 नई अनाज मंडी के एससीओ प्लॉट्स की ई-नीलामी का रास्ता साफ, नए साल से होगी प्रक्रिया शुरूचंडीगढ़ के सेक्टर-39 में विकसित की जा रही नई अनाज मंडी के शोरूम कम ऑफिस (एससीओ) प्लॉट्स की ई-नीलामी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब प्रशासन ने नए साल से ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। जनवरी माह में इसके लिए पब्लिक नोटिस जारी किया जाएगा।कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी के चलते एससीओ प्लॉट्स का रिजर्व प्राइस भी काफी बढ़ गया है। अब एक एससीओ का रिजर्व प्राइस 5.40 करोड़ रुपये तय किया गया है, जबकि पहले यह 3.70 करोड़ रुपये था। यानी प्लॉट खरीदने के इच्छुक लोगों को अब करीब 1.70 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। प्रत्येक एससीओ प्लॉट 120 स्क्वायर यार्ड क्षेत्रफल का होगा और ये सभी प्लॉट्स लीज होल्ड आधार पर दिए जाएंगे।पहले फेज में 23 प्लॉट निकाले गए थेप्रशासन ने पहले चरण में 23 एससीओ प्लॉट्स की ई-नीलामी की थी, जिसमें 12 व्यापारियों ने पुराने रिजर्व प्राइस पर सफलतापूर्वक बोली लगाकर प्लॉट खरीद लिए थे। हालांकि मामला अदालत में लंबित होने के कारण इन खरीदारों को अब तक अलॉटमेंट लेटर जारी नहीं किए जा सके थे।अब सुप्रीम कोर्ट से प्रशासन को राहत मिलने के बाद इन 12 खरीदारों को अलॉटमेंट लेटर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।आढ़तियों को नहीं मिली राहतसेक्टर-26 सब्जी एवं फल मंडी एसोसिएशन ने ई-नीलामी प्रक्रिया को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया था। आढ़तियों की मांग थी कि 50 प्रतिशत प्लॉट उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नाममात्र दरों पर अलॉट किए जाएं।हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया और स्पष्ट कर दिया कि पहले से काम कर रहे आढ़तियों को कोई विशेष प्राथमिकता या राहत नहीं दी जाएगी।प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और इसमें आढ़तियों को कोई प्राथमिकता नहीं मिलेगी। दूसरे राज्यों के लोग भी नीलामी में भाग ले सकेंगे। ई-नीलामी सभी के लिए खुली रहेगी।92 प्लॉट्स बेचकर होगा मंडी का विकासप्रशासन के अनुसार, कुल 92 एससीओ प्लॉट्स की नीलामी की जानी है। इनसे मिलने वाला पूरा राजस्व सेक्टर-39 में नई अनाज मंडी के विकास कार्यों पर ही खर्च किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद अब सेक्टर-26 से सेक्टर-39 में अनाज मंडी को शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।करीब 75 एकड़ भूमि में सेक्टर-39 की नई अनाज मंडी को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल को नीलामी और बोली आवंटन प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी थी, जिसे अब हटा लिया गया है।2015 से लटका है मंडी शिफ्टिंग का मामलासेक्टर-39 में नई अनाज मंडी का शिलान्यास वर्ष 2015 में किया गया था। प्रशासन ने फरवरी 2016 तक मंडी को शिफ्ट करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन विभिन्न कारणों से यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी।सेक्टर-26 की पुरानी अनाज मंडी को आने वाले समय में अलग-अलग चरणों में डी-नोटिफाई किया जाएगा।गौरतलब है कि सेक्टर-26 की मंडी शहर की करीब 5 लाख आबादी को ध्यान में रखकर बनाई गई थी, जबकि वर्तमान में चंडीगढ़ की आबादी 13 लाख से अधिक हो चुकी है। सेक्टर-39 की जमीन वर्ष 1990 में अधिगृहीत की गई थी और इसे मंडी एग्रीकल्चर बोर्ड को मात्र 3 करोड़ रुपये में आवंटित किया गया था।सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अब माना जा रहा है कि वर्षों से लंबित अनाज मंडी शिफ्टिंग प्रोजेक्ट जल्द ही धरातल पर उतरता नजर आएगा।

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