हरियाणा 21 जनवरी( दैनिक खबरनामा) हरियाणा उचाना कलां (जींद)। जिले के उचाना कलां कस्बे में एक परिवार के घर उस समय खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा, जब नौ बेटियों के बाद आखिरकार बेटे का जन्म हुआ। जैसे ही यह खबर परिवार और रिश्तेदारों तक पहुंची, पूरे घर में जश्न का माहौल बन गया। वर्षों से जिस पल का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार पूरा हो गया।जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र की पत्नी रीतू मंगलवार को करीब चार बजे प्रसव पीड़ा के बाद नागरिक अस्पताल पहुंचीं। रीतू पहले से ही नौ बेटियों की मां हैं। ऐसे में परिवार के लोग और रिश्तेदार लगातार भगवान से यही प्रार्थना कर रहे थे कि इस बार बेटे का जन्म हो, ताकि बेटियों को एक भाई मिल सके। भगवान ने उनकी दुआ सुन ली और परिवार में बेटे ने जन्म लिया।खास बात यह है कि सुरेंद्र के दूसरे भाई की भी तीन बेटियां हैं और उनके घर में भी अब तक कोई बेटा नहीं है। ऐसे में इस परिवार में कुल 12 बहनों को एक भाई मिला है। बेटे के जन्म की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, पड़ोसियों और जान-पहचान वालों का तांता लग गया। सभी परिवार को बधाइयां देने पहुंचे और मिठाइयां बांटी गईं।पिता सुरेंद्र ने भावुक होते हुए कहा कि भगवान की कृपा से नौ बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ है। उन्होंने बताया कि जब-जब बेटी होती थी, लोग तरह-तरह की बातें कहते थे और अक्सर कहते थे कि भगवान बेटा दे। अब भगवान ने उनकी सुन ली है। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटियां, दोनों ही भगवान का आशीर्वाद होते हैं, लेकिन बेटे के आने से परिवार की खुशी दोगुनी हो गई है। परिवार ने नवजात का नाम दिलखुश रखा है, जो उनकी भावनाओं को पूरी तरह बयां करता है।परिवार की जानकारी के अनुसार, दो बेटियों की शादी पिछले साल नवंबर महीने में हो चुकी है। सबसे बड़ी बेटी की उम्र 21 साल है, जबकि सबसे छोटी बेटी अभी तीन साल की है। बेटियों के नाम कल्पना, आरती, भारती, खुशी, मानसू, रजनी, रजीव, काफी और माफी हैं। अब इन सभी बहनों को एक छोटा भाई मिल गया है, जिसे लेकर सभी बेहद उत्साहित हैं।मां रीतू ने कहा कि शादी के 24 साल बाद भगवान ने उन्हें बेटे का सुख दिया है। उन्होंने कहा कि बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं और उन्होंने हमेशा बेटियों को पूरे प्यार और सम्मान के साथ पाला है। बेटे के जन्म से परिवार में खुशी जरूर है, लेकिन बेटियों के प्रति उनका प्यार पहले जैसा ही रहेगा।परिवार की मौसी वीना ने बताया कि बेटे के जन्म से पूरे परिवार में खुशी की लहर है। मामा, मौसी और सभी रिश्तेदार इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, चचेरी बहन कल्पना ने कहा कि इतने सालों बाद भाई मिलने की खुशी अलग ही है और पूरा परिवार इस पल को हमेशा याद रखेगा।उचाना कलां में यह परिवार इन दिनों खुशियों के रंग में डूबा हुआ है, जहां हर चेहरे पर मुस्कान है और घर में किलकारियों की गूंज सुनाई दे रही है।
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