दैनिक खबरनामा 30 अप्रैल 2026जीरकपुर की बलटाना पुलिस चौकी के बाहर एक युवती द्वारा खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने के सनसनीखेज मामले में पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ (यूटी) मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए मोहाली के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। निर्देश दिए गए हैं कि अगली सुनवाई 12 जून 2026 से कम से कम एक सप्ताह पहले रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।आयोग ने इस घटना को मानवाधिकार हनन से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए पुलिस की कथित निष्क्रियता और संवेदनहीनता पर गहरी चिंता जताई है। नोटिस में कहा गया है कि 24 वर्षीय युवती द्वारा दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के लिए पांच दिनों तक पुलिस चौकी के चक्कर लगाने के बावजूद एफआईआर दर्ज न किए जाने के आरोप बेहद गंभीर हैं। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संत प्रकाश, सदस्य न्यायमूर्ति गुरबीर सिंह और सदस्य जितेंद्र सिंह शंटी की पीठ द्वारा जारी किया गया।मामले में कार्रवाई करते हुए एसएसपी हरमनदीप हंस ने बताया कि बलटाना चौकी के इंचार्ज गुरप्रीत सिंह और जांच अधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और मामले की जांच एसपी रूरल को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।पीड़ित युवती ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दर्ज करवा दिए हैं। पुलिस ने जीरकपुर थाने में शोएब नामक आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म किया और फिलहाल वह फरार है।
मंगलवार सुबह युवती ने पुलिस चौकी के बाहर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली, जिसके बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसी युवती को पहले जीएमसीएच-32 और बाद में पीजीआई रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।परिजनों का आरोप है कि युवती कई दिनों से एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास जा रही थी, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया।