दैनिक खबरनामा। श्रीनगर, 13 जून: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी ने शनिवार को सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (AFSPA) को हटाने की वकालत करते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार देश के किसी भी हिस्से से इस कानून को समाप्त करने का फैसला करती है, तो इसकी शुरुआत जम्मू-कश्मीर से होनी चाहिए।
गौरतलब है कि दो दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की थी कि एक राज्य को छोड़कर पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र से AFSPA को पूरी तरह हटाया जाएगा। उन्होंने कहा था कि उग्रवाद में कमी आने और कानून-व्यवस्था में सुधार के चलते यह फैसला संभव हो पाया है।
श्रीनगर स्थित शेरे-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नासिर असलम वानी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार को न केवल उम्मीद है, बल्कि उसकी स्पष्ट इच्छा भी है कि AFSPA हटाने की प्रक्रिया में जम्मू-कश्मीर को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार दावा करती रही है कि जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं। ऐसे में AFSPA को बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। वानी ने कहा कि प्रदेश के लोग भी लंबे समय से इस कानून को हटाने की मांग करते आ रहे हैं।
AFSPA अशांत घोषित क्षेत्रों में तैनात सशस्त्र बलों को विशेष अधिकार और कानूनी संरक्षण प्रदान करता है। जम्मू-कश्मीर में यह कानून लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है। प्रदेश के कई राजनीतिक दल भी अपने चुनावी घोषणापत्रों में AFSPA हटाने का वादा करते रहे हैं।
वानी के इस बयान के बाद एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में AFSPA को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।