दैनिक खबरनामा | 7 अगस्त | मुंबई: रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाली मुफ्त वाई-फाई सुविधा साइबर अपराधियों के लिए नया हथियार बनती जा रही है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से जुड़ा एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पब्लिक वाई-फाई से मोबाइल कनेक्ट करना एक बैंक अधिकारी के लिए भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने कथित तौर पर मोबाइल में मैलवेयर पहुंचाकर बैंक महाप्रबंधक (जनरल मैनेजर) के क्रेडिट कार्ड से 4.27 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी कर ली।
फ्री Wi-Fi से शुरू हुआ पूरा खेल
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, मामले की शुरुआत CSMT स्टेशन के मुफ्त वाई-फाई नेटवर्क से हुई। साइबर अपराधियों ने बैंक के जनरल मैनेजर के पर्सनल सेक्रेटरी को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि सेक्रेटरी ने जब स्टेशन पर अपने मोबाइल को पब्लिक वाई-फाई से जोड़ा, उसी दौरान साइबर अपराधियों ने डिवाइस में कथित तौर पर मैलवेयर इंस्टॉल कर दिया।
मोबाइल तक पहुंच हासिल करने के बाद आरोपियों ने उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट का इस्तेमाल किया। इसके बाद बैंक अधिकारी समेत कई लोगों को रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) के फर्जी चालान से संबंधित बताकर एक संदिग्ध एंड्रॉयड एप्लिकेशन (APK) भेजी गई।
इसी दुर्भावनापूर्ण APK के जरिए ठगों ने बैंक महाप्रबंधक के क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाई और बिना अनुमति के 4.27 लाख रुपये की रकम निकाल ली।
गोवा से चल रहा था साइबर फ्रॉड का नेटवर्क
साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच के दौरान मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच (यूनिट 2) ने हाल ही में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भी खुलासा किया है। पायधुनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि फर्जी बैंक खातों और सिम कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन स्कैम और अवैध गेमिंग का नेटवर्क गोवा से संचालित किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह को दुबई में बैठे हैंडलर निर्देश दे रहे थे। खुफिया सूचना मिलने के बाद टीम ने गोवा के कैंडोलिम इलाके में स्थित एक लग्जरी विला पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
तलाशी में पुलिस को 15 लैपटॉप, 128 एटीएम कार्ड, 89 मोबाइल फोन, 76 सिम कार्ड और 22 चेक बुक बरामद हुईं। बरामद सामान ने इस नेटवर्क के बड़े स्तर पर संचालित होने की आशंका को और मजबूत किया।
APK फाइलों के जरिए ठगी पर पुलिस की नजर
मुंबई पुलिस साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले जुलाई महीने में पुलिस ने 63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले का भी पर्दाफाश किया था।
उस कार्रवाई में पुलिस ने ऐसे आरोपी को पकड़ा था, जो कथित तौर पर साइबर ठगों के लिए खतरनाक APK फाइलें तैयार करता था और उन्हें जालसाजों को बेचता था। इन फाइलों का इस्तेमाल मोबाइल डिवाइस में सेंध लगाने और संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए किया जाता था।
CSMT से सामने आए ताजा मामले ने सार्वजनिक वाई-फाई की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां लोगों को सलाह दे रही हैं कि रेलवे स्टेशन या किसी अन्य सार्वजनिक स्थान पर उपलब्ध अनजान वाई-फाई नेटवर्क से मोबाइल कनेक्ट करने में सावधानी बरतें। साथ ही किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही सीधे बैंक खाते या कार्ड से जुड़ी बड़ी वित्तीय क्षति का कारण बन सकती है।