दैनिक खबरनामा 21 जुलाई नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने सरकार पर वार्ता के नाम पर समय व्यर्थ करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पहले प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन वहां उनके मोबाइल फोन जमा करा लिए गए और उन्हें एक तरह से नजरबंद जैसी स्थिति में रखा गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब प्रदर्शनकारी बातचीत के लिए सरकार के पास नहीं जाएंगे, बल्कि यदि वार्ता करनी है तो सरकार को स्वयं जंतर-मंतर आना होगा।
हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग
CJP ने आरोप लगाया कि ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारियों को अब तक रिहा नहीं किया गया है। पार्टी का दावा है कि उनके वकीलों को भी हिरासत में मौजूद लोगों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया गया और अधिवक्ताओं को मिलने की अनुमति नहीं मिली, तो दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा।
जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी
सोमवार को हुए विरोध मार्च के बाद मंगलवार को भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
वकीलों ने उठाए प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों ने आरोप लगाया कि उन्हें हिरासत में लिए गए लोगों से मिलने या पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने की अनुमति नहीं दी जा रही। उनका कहना है कि इस कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं, औपचारिक गिरफ्तारी की गई है या किन धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। वकीलों ने बताया कि वे हिरासत में लिए गए लोगों के परिवारों से संपर्क कराने और उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज कीं चार एफआईआर
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा, तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि दो अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और कानून के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल किया गया स्थानांतरित
इसी बीच, दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टरों की लगातार निगरानी रखी जा रही है।