दैनिक खबरनामा। श्रीनगर, 11 जून: आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। समुद्र तल से लगभग 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचने वाले पारंपरिक पहलगाम और बालटाल मार्गों पर ट्रैक को दोनों ओर से करीब 12 फीट तक चौड़ा किया गया है, जिससे यात्रियों को अब संकरी पगडंडियों पर चलने की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बुधवार को श्रीनगर स्थित लोकभवन में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ यात्रा तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में सीमा सड़क संगठन (BRO) को निर्देश दिए गए कि 25 जून तक दोनों यात्रा मार्गों को पूरी तरह तैयार कर लिया जाए। संवेदनशील और कमजोर स्थलों पर क्रैश बैरियर तथा हैंड रेलिंग लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यात्रा मार्ग पर स्थापित किए जाने वाले सभी कैंप और सेवा केंद्रों को 20 जून तक तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिविरों में केवल मानक और आकर्षक टेंट लगाए जाएं तथा बिना अनुमति किसी भी प्रकार के अस्थायी ढांचे की अनुमति न दी जाए।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 670 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की जा रही हैं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 12 जून को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
उपराज्यपाल ने गांदरबल और अनंतनाग के उपायुक्तों को यात्रा मार्ग का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि फिसलन वाले क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित स्थलों की पहचान कर वहां उचित चेतावनी संकेत लगाए जाएं। इसके अलावा, सभी यात्रियों और सेवा प्रदाताओं के लिए वैध पंजीकरण और RFID कार्ड अनिवार्य किए गए हैं। टट्टू स्टैंडों को भी व्यवस्थित और नियंत्रित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने बुधवार को यात्रा मार्ग का दौरा कर सुरक्षा और लॉजिस्टिक तैयारियों का निरीक्षण किया। वहीं अनंतनाग पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के सहयोग से पहलगाम के चंदनवाड़ी क्षेत्र में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित कर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया।
प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।