दैनिक खबरनामा । चंडीगढ़, 28 जून : भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए गए व्यापक अभियान के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने पिछले चार वर्षों में उल्लेखनीय कार्रवाई करते हुए 1055 मामले दर्ज किए हैं। ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, 16 मार्च 2022 से 31 मई 2026 के बीच विभिन्न मामलों में कुल 1111 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इस अवधि में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर छापेमारी, जांच और कानूनी कार्रवाई को लगातार आगे बढ़ाया गया।
शनिवार को जारी जानकारी में विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सबसे अधिक कार्रवाई ट्रैप मामलों में दर्ज की गई। ब्यूरो ने 503 ट्रैप केसों में कार्रवाई करते हुए 610 लोगों को रिश्वत लेते समय रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इन मामलों में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों के तहत कार्रवाई की गई।
इसके अतिरिक्त, 521 आपराधिक मामलों में 485 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। वहीं आय से अधिक संपत्ति से जुड़े 31 मामलों में 16 व्यक्तियों की गिरफ्तारी दर्ज की गई। ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों की जांच में वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की पड़ताल को भी प्राथमिकता दी गई, ताकि संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान कुल 296 विजिलेंस जांच शुरू की गईं। इनमें 116 जांच आय से अधिक संपत्ति के मामलों से संबंधित थीं, जबकि 180 अन्य शिकायतों और आरोपों के आधार पर शुरू की गईं।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में जांच प्रक्रिया अभी जारी है और आगामी समय में और भी महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आ सकती है।
न्यायिक स्तर पर भी ब्यूरो को सफलता मिली है। सक्षम अदालतों ने 149 भ्रष्टाचार मामलों में सुनवाई पूरी करते हुए 236 आरोपितों को दोषी करार दिया और उन्हें सजा सुनाई। ब्यूरो का मानना है कि इन फैसलों से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूती मिली है।