दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 14 अगस्त: चंडीगढ़ में सरकारी आवास अलॉटमेंट से जुड़े एक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति के आवेदन में उसकी भाभी को पत्नी दर्शाकर फ्लैट हासिल कर लिया गया। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की जांच में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद सेक्टर-3 पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
यह मामला धनास स्थित एक सरकारी फ्लैट से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ललिता देवी का कहना है कि वह रामानंद की पत्नी हैं। आरोप है कि फ्लैट के लिए जमा कराए गए कागजों में रामानंद के बड़े भाई देव नारायण की पत्नी रेटा देवी को रामानंद की पत्नी के रूप में दिखाया गया और फर्जी दस्तावेज लगाए गए।
ललिता देवी के अनुसार जब अलॉटमेंट की प्रक्रिया चल रही थी तब वह बीमार होने के कारण अपने पैतृक गांव में थीं। इसी बीच उनकी जानकारी के बगैर रेटा देवी के कागजों को रामानंद के साथ जोड़कर उसे उनकी पत्नी बताया गया। इसके बाद दोनों के नाम पर सरकारी फ्लैट आवंटित करवा लिया गया।
CHB के रिकॉर्ड बताते हैं कि 5 सितंबर 2014 को यह फ्लैट चंडीगढ़ स्मॉल फ्लैट्स स्कीम-2006 के अंतर्गत 20 साल के लाइसेंस पर रामानंद और रेटा देवी के नाम जारी किया गया था।
शिकायत मिलने के बाद बोर्ड की इंफोर्समेंट टीम ने 1 मई 2025 को मौके पर जाकर फ्लैट का निरीक्षण किया। जांच में रेटा देवी परिवार सहित उसी फ्लैट में रहती मिलीं। इसके बाद बोर्ड ने अलॉटी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा।
21 जुलाई 2025 को हुई सुनवाई में रामानंद और ललिता देवी दोनों हाजिर हुए। सुनवाई के दौरान रामानंद ने बोर्ड को बताया कि आवेदन फॉर्म में रेटा देवी का नाम दर्ज था और उसी आधार पर उसने लाइसेंस बनवाया था। उसने रेटा देवी के साथ फोटो भी खिंचवाई थी।
CHB द्वारा दी गई शिकायत और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस अलॉटमेंट के समय जमा हुए आवेदन पत्र, संलग्न दस्तावेज और फोटो की बारीकी से जांच करेगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि किसके कहने पर रेटा देवी को रामानंद की पत्नी दर्शाया गया और सरकारी फ्लैट पाने के लिए कथित तौर पर फर्जी कागजात कैसे तैयार किए गए।