दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 14 अगस्त: सेक्टर में खड़ी कार से व्हील क्लैंप निकाल लेना एक युवक के लिए सात साल लंबी कानूनी लड़ाई बन गया। जीरकपुर के दशमेश नगर निवासी विशाल कुमार को इस छोटी सी हरकत की वजह से अदालत के चक्कर, एक महीने की जेल और जुर्माना झेलना पड़ा।
चंडीगढ़ जिला अदालत ने 6 अगस्त 2026 को सुनवाई पूरी कर विशाल को दोषी करार दिया। अदालत ने उस पर चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इस दौरान वह एक बार भगोड़ा भी घोषित हुआ और उसे 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत लेनी पड़ी। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि उसने उसी दिन 500 रुपये का चालान भर दिया होता तो मामला यहीं खत्म हो जाता।
22 फरवरी 2019 को सेक्टर-8 स्थित सिंधी स्वीट्स के सामने विशाल ने अपनी कार गलत जगह खड़ी कर दी थी। ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ी के एक पहिए पर व्हील क्लैंप लगा दिया और गलत पार्किंग का चालान भी किया। पुलिस टीम के रवाना होते ही विशाल ने स्टेपनी निकालकर टायर बदला और कार लेकर चला गया।
इसकी सूचना मिलने पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 379 और 411 के तहत चोरी का मुकदमा दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया।
कोर्ट में हाजिरी और गिरफ्तारी
शुरुआत में विशाल सुनवाई के लिए आता रहा। इसके बाद कोविड लॉकडाउन लग गया। लॉकडाउन खुलने के बाद वह लगातार गैरहाजिर रहने लगा। इस पर 22 जुलाई 2021 को गैर जमानती वारंट जारी हुए और 5 नवंबर 2022 को उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया।
1 मई 2023 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। करीब एक महीने जेल में रहने के बाद 2 जून 2023 को वह 50 हजार रुपये की जमानत पर बाहर आया। सुनवाई के दौरान उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अदालत ने जेल की सजा नहीं दी, केवल जुर्माना भरने का आदेश दिया।
केस की समयरेखा
– 22 फरवरी 2019: सेक्टर-3 थाना में केस दर्ज
– 3 अप्रैल 2019: अदालत में चालान पेश
– 3 फरवरी 2020: इसके बाद अदालत में पेश नहीं हुआ
– 22 जुलाई 2021: गैर जमानती वारंट जारी
– 5 नवंबर 2022: भगोड़ा घोषित
– 1 मई 2023: पुलिस ने गिरफ्तार किया
– 2 जून 2023: 50 हजार की जमानत पर रिहा
– 6 अगस्त 2026: अदालत ने सुनाई सजा