दैनिक ख़बरनामा नई दिल्ली। 28 मई : तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026-27 के लिए उद्योग फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया है। इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों को सीधे औद्योगिक वातावरण से जोड़ना और उन्हें आधुनिक तकनीकों तथा कार्य प्रणालियों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर परिषद के अध्यक्ष योगेश सिंह ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में शिक्षकों के लिए उद्योगों की कार्यप्रणाली को समझना बेहद जरूरी हो गया है। इस पहल से शिक्षा संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और विद्यार्थियों को भी अधिक व्यावहारिक शिक्षा मिल सकेगी।
परिषद के सदस्य सचिव श्यामा रथ ने बताया कि यह योजना शिक्षकों को वास्तविक औद्योगिक अनुभव उपलब्ध कराएगी, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही संस्थानों और उद्योग जगत के बीच दीर्घकालिक सहयोग को भी मजबूती मिलेगी।
इस योजना के तहत परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थानों के शिक्षक एक वर्ष तक विभिन्न उद्योगों में कार्य करेंगे। इस दौरान उन्हें आधुनिक उत्पादन प्रणालियों, नई तकनीकों, औद्योगिक प्रक्रियाओं और कौशल संबंधी आवश्यकताओं को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। परिषद का मानना है कि इससे नवाचार और शोध को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों में रोजगारोन्मुखी सोच विकसित होगी।
फेलोशिप योजना में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अर्धचालक तकनीक, उन्नत विनिर्माण, चौथी औद्योगिक क्रांति, स्मार्ट परिवहन, अंतरिक्ष एवं रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य तकनीक, उन्नत पदार्थ विज्ञान, संचार प्रणाली और कृषि तकनीक जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
चयनित शिक्षकों को परिषद की ओर से प्रतिमाह 75 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जबकि संबंधित उद्योग कम से कम 25 हजार रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देंगे। इसके अलावा शिक्षक जिस संस्थान में कार्यरत हैं, वहां से मिलने वाला नियमित वेतन और अन्य सुविधाएं भी जारी रहेंगी।
इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक शिक्षक 25 जून 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना का आरंभ 20 जुलाई 2026 से किया जाएगा।
इस वर्ष कई प्रमुख औद्योगिक संस्थानों ने इस पहल में भागीदारी की है। इनमें टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड, हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड और वोल्वो शामिल हैं। इस बार कुल 134 फेलोशिप अवसर उपलब्ध कराए गए