दैनिक खबरनामा 4 अप्रैल 2026 रिटायर्ड सैनिकों के इलाज के लिए बनाई गई एक्स सर्विसमेन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। निजी अस्पतालों में मरीजों को गलत तरीके से रेफर कर बिना भर्ती किए ही लाखों रुपए के फर्जी बिल पास करवाने के मामले में चंडीगढ़ CBI ने 2 डॉक्टरों और बिलिंग क्लर्कों के खिलाफ केस दर्ज किया है।CBI द्वारा दर्ज FIR में मंथन हेल्थकेयर के डॉक्टर विकास, डॉक्टर रिम्पल के अलावा बिलिंग क्लर्क परवीन और मंजीत को नामजद किया गया है। सभी आरोपियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ECHS से जुड़े मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर दिखाकर रिकॉर्ड में कई दिनों तक भर्ती दर्शाया जाता था, जबकि असल में मरीज भर्ती ही नहीं होते थे। इसके बाद इलाज, टेस्ट और दवाइयों के नाम पर लाखों रुपए के फर्जी बिल तैयार कर भुगतान लिया जाता था।जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस फर्जीवाड़े के लिए निजी अस्पतालों द्वारा ECHS की फर्जी मुहरें तक बनवाई गई थीं। इन्हीं के जरिए रेफरल स्लिप तैयार कर मरीजों को कागजों में भर्ती दिखाया जाता था।
CBI की टीमों ने एसीबी इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में करीब 48 घंटे तक छापेमारी की। इस दौरान चंडीगढ़ और मोहाली के 7-8 निजी अस्पतालों से रिकॉर्ड, मरीजों की फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए।सेक्टर-15 स्थित धर्म अस्पताल, सेक्टर-38 स्थित मंथन हेल्थकेयर समेत शेलबी, केयर पार्टनर, अमर अस्पताल, ईडन और वन-एच प्लस मेडपार्क मोहाली सहित कई अस्पतालों में रेड की गई।अब CBI जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की गहन जांच कर रही है। रिकॉर्ड को ECHS डेटा से मिलाया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अस्पताल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्राईसिटी में ECHS से जुड़े सभी निजी अस्पतालों की बिलिंग फिलहाल रोक दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।