दैनिक खबरनामा ब्यूरो तेहरान 25 मई 2026 : ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को खत्म करने के लिए तैयार किए जा रहे संभावित समझौते पर एक बार फिर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच हाल ही में बातचीत का एक दौर हुआ, लेकिन कई अहम मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बन पाई है।
बताया जा रहा है कि अमेरिका कुछ महत्वपूर्ण शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। इनमें ईरान की विदेशों में फंसी संपत्तियों को जारी करने का मामला प्रमुख माना जा रहा है। इसी वजह से प्रस्तावित समझौते के रद्द होने की आशंका भी जताई जा रही है।
ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि देश की “रेड लाइन” से जुड़े मामलों में पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बाघेई ने हाल ही में सरकारी टेलीविजन से बातचीत में कहा कि दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर एक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने की कोशिश जारी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करना है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष करीब 14 बिंदुओं वाले प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। इसमें समुद्री क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों को रोकने और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो अगले 30 से 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की संभावना बन सकती है।
गौरतलब है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच लंबे तनाव और करीब 40 दिनों तक चली सैन्य कार्रवाई के बाद आठ अप्रैल को युद्धविराम लागू किया गया था। इसके बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच शांति वार्ता भी हुई, लेकिन उस दौर की बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया।