दैनिक खबरनामा । चंडीगढ़, 9 जुलाई: पुरानी गाड़ी की ओनरशिप समय पर ट्रांसफर न करने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने बर्कलेज टाटा मोटर्स को दोषी माना है। आयोग ने डीलरशिप को 20 हजार रुपये मुआवजा देने और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन अगले मालिक के नाम कराने का आदेश दिया है।
मामला रोपड़ के निवासी कुलजिंदर सिंह से जुड़ा है। उन्होंने 2019 में बर्कलेज टाटा मोटर्स से नई टाटा हैरियर खरीदी थी। उसी समय पुरानी गाड़ी एक्सचेंज स्कीम के तहत डीलर को सौंप दी गई थी। गाड़ी के साथ एनओसी समेत सभी जरूरी कागज भी जमा करवा दिए गए थे।
शिकायत के मुताबिक डीलर ने गाड़ी अपने पास रखने के बाद उसे आगे बेच दिया, लेकिन नाम कुलजिंदर के नाम पर ही रहा। कुछ समय बाद वह गाड़ी घूमते-घूमते जम्मू-कश्मीर पहुंच गई। वहां से ट्रैफिक चालान कुलजिंदर के पते पर आने लगे। हैरानी की बात यह थी कि वह कभी जम्मू-कश्मीर गए ही नहीं थे।
जब उन्होंने डीलरशिप से संपर्क किया तो पता चला कि पहले यह कार चंडीगढ़ के एक व्यक्ति को बेची गई थी और उसके बाद वह जम्मू-कश्मीर पहुंच गई। कुलजिंदर ने आरएलए कार्यालय से भी जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन वहां से कोई मदद नहीं मिली।
सुनवाई के दौरान आयोग के सामने 14 अगस्त 2019 का वह दस्तावेज पेश किया गया जिसमें डीलरशिप ने खुद लिखा था कि गाड़ी कब्जे में लेने के बाद रखरखाव, दुर्घटना, रोड टैक्स, बीमा, चालान या किसी भी तरह के दुरुपयोग की जिम्मेदारी उनकी होगी।
आयोग ने कहा कि नियम के अनुसार डीलर का काम था कि वह तय समय में वाहन को अपने नाम या अगले खरीदार के नाम ट्रांसफर करवाता। ऐसा न करने से गाड़ी आज भी शिकायतकर्ता के नाम दर्ज है और इसी वजह से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी।
फैसले में आयोग ने बर्कलेज टाटा मोटर्स को अपने खर्च पर तुरंत रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर कराने और कुलजिंदर सिंह को 20 हजार रुपये हर्जाना देने के निर्देश दिए हैं।