दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 03 जुलाई 2026. जाब सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘एल्डरलाइन 14567’ को प्रभावी सहायता प्रणाली के रूप में विकसित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में संचालित इस पहल के माध्यम से राज्य के बुजुर्गों को परामर्श, कानूनी सहायता, रेस्क्यू, पुनर्वास तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही है।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब में अब तक 2.5 लाख से अधिक कॉलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। हेल्पलाइन के जरिए 91 बेसहारा बुजुर्गों को उनके परिवारों से मिलाया गया, जबकि बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार और भरण-पोषण भत्ते से जुड़े 1,000 से अधिक मामलों का समाधान भी कराया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वरिष्ठ नागरिक स्वयं को असहाय, उपेक्षित या असुरक्षित महसूस न करे। उनके अनुसार, एल्डरलाइन 14567 केवल एक हेल्पलाइन नहीं, बल्कि जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए भरोसे, मार्गदर्शन और त्वरित सहायता का माध्यम बन चुकी है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब में इस सेवा का संचालन सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, हेल्प एज इंडिया तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। यह टोल-फ्री हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संचालित रहती है, जहां प्रशिक्षित अधिकारी वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का समाधान करते हैं।
उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन के माध्यम से वृद्धावस्था पेंशन, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, पेशेवर काउंसलिंग, कानूनी सहायता, रेस्क्यू और पुनर्वास जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’ के तहत गठित जिला ट्रिब्यूनलों के माध्यम से बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार, उपेक्षा और भरण-पोषण संबंधी मामलों के निपटारे में भी सहायता प्रदान की जाती है।
कैबिनेट मंत्री ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों से अपील की कि किसी भी प्रकार की सहायता या बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार की जानकारी मिलने पर तुरंत एल्डर हेल्पलाइन 14567 पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां हर बुजुर्ग सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सके।