पंजाब 13 फरवरी 2026( जगदीश कुमार) पंजाब के मोहाली। हाईकोर्ट के आदेशों के तहत गमाडा और नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे एंटी-एनक्रोचमेंट अभियान पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। वीरवार को अभियान फेज-10 तक पहुंचा, जहां स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में पक्षपात का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रभावशाली संस्थानों और बड़ी कंपनियों द्वारा किए गए अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि आम लोगों के घरों के बाहर बने छोटे निर्माणों को बेरहमी से तोड़ा जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि एक प्रसिद्ध वीजा कंपनी के शोरूम के पीछे किए गए बड़े कब्जे को नोटिस दिए जाने के बावजूद अब तक नहीं हटाया गया। एक माह बीत जाने के बाद भी उस कब्जे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि सिफारिश के चलते उसे बचाया जा रहा है।वहीं दूसरी ओर नगर निगम और गमाडा की टीमों ने आम नागरिकों के घरों के बाहर बनी टॉ-वॉल और फर्श तक उखाड़ दिए। मानव मंगल स्कूल के पास मंदिर के नजदीक जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
स्थानीय पार्षद नरपिंदर सिंह रंगी, निवासी तिलक राज सहित कई लोगों ने टीम को घेरकर सवाल उठाए और कहा कि बड़े लोगों को क्यों छोड़ा जा रहा है और केवल गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं।
फेज-10 के निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक बड़े कब्जों पर समान रूप से कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे अपने क्षेत्र में अभियान नहीं चलने देंगे। विरोध के चलते गमाडा और नगर निगम की टीमों को कार्रवाई रोककर वापस लौटना पड़ा।