दैनिक खबरनामा। जम्मू, 11 जून: गुलमर्ग में केबल कार सेवा में आई तकनीकी खराबी के लगभग 15 दिन बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है। समिति को घटना की विस्तृत जांच कर 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सामान्य प्रशासनिक विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (KPDCL) के प्रबंध निदेशक महमूद शाह को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह समिति 24 मई को गुलमर्ग में हुई उस घटना की जांच करेगी, जिसमें तकनीकी खराबी के कारण 300 से अधिक पर्यटक बीच हवा में फंस गए थे। पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ द्वारा संयुक्त बचाव अभियान चलाया गया था।
समिति के दायरे में केबल कार प्रणाली की विस्तृत तकनीकी जांच, खराबी की प्रकृति और कारणों का पता लगाना तथा उसके प्रभाव का आकलन करना शामिल है। इसके अलावा संचालन प्रक्रियाओं, रखरखाव प्रोटोकॉल, निरीक्षण व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी। यह भी जांचा जाएगा कि घटना के समय निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन किया गया था या नहीं।
सरकार ने समिति को यह जिम्मेदारी भी सौंपी है कि वह किसी भी प्रकार की परिचालन लापरवाही, प्रक्रिया उल्लंघन या तकनीकी विफलता की पहचान कर जिम्मेदारी तय करे। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तकनीकी, प्रशासनिक, परिचालन और सुरक्षा संबंधी दीर्घकालिक सुझाव भी प्रस्तुत करे।
समिति में पर्यटन विभाग जम्मू के निदेशक विकास गुप्ता, गुलमर्ग विकास प्राधिकरण (GDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तारिक हुसैन, मैकेनिकल एंड हॉस्पिटल सर्किल कश्मीर के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर जावेद अहमद तांत्रे तथा मैकेनिकल एंड हॉस्पिटल डिवीजन बारामुला के कार्यकारी अभियंता मोहम्मद इस्माइल चेची को सदस्य बनाया गया है।
अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी केबल कार सेवा
इस बीच, जम्मू-कश्मीर केबल कार कॉरपोरेशन ने गुलमर्ग केबल कार सेवा को अगली सूचना तक बंद रखने का फैसला किया है। कॉरपोरेशन ने अपने बयान में कहा कि सुरक्षा और तकनीकी जांच पूरी होने तक पर्यटकों के लिए सेवा उपलब्ध नहीं होगी। संस्थान ने पर्यटकों को होने वाली असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि विशेषज्ञ इंजीनियर प्रणाली की गहन जांच में जुटे हैं, ताकि सेवा दोबारा शुरू होने पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।