दैनिक खबरनामा । श्रीनगर, 1 जुलाई : कश्मीर घाटी में ट्रैफिक की समस्या और बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रशासन ने नई पहल की है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में वाहनों के लिए ऑड-ईवन व्यवस्था शुरू की जा रही है। यह नियम 5 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक एक महीने के लिए प्रायोगिक तौर पर लागू रहेगा।
गर्मियों में, खासकर जून से अगस्त के बीच वीकेंड पर, गुलमर्ग में पर्यटकों का भारी दबाव रहता है। पार्किंग की क्षमता महज 1500 वाहनों की है, जबकि रोजाना 6000 से ज्यादा गाड़ियां यहां पहुंच जाती हैं। इससे सड़कों पर लंबा जाम लगता है और अव्यवस्था फैलती है।
गुलमर्ग विकास प्राधिकरण के फैसले के मुताबिक अब निजी चार पहिया वाहनों का प्रवेश उनकी नंबर प्लेट के आखिरी अंक से तय होगा। 1, 3, 5, 7, 9 पर खत्म होने वाले नंबर की गाड़ियां महीने की विषम तारीखों को, जबकि 0, 2, 4, 6, 8 पर खत्म होने वाले नंबर की गाड़ियां सम तारीखों को ही गुलमर्ग में दाखिल हो सकेंगी। यह प्रतिबंध रोजाना सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा। हालांकि मालवाहक वाहनों और जरूरी सामान ले जाने वाली गाड़ियों को इस नियम से छूट दी गई है।
पर्यटन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के अनुसार कश्मीर के किसी भी टूरिस्ट स्पॉट पर इस तरह का प्रयोग पहली बार हो रहा है। इसका मकसद वाहनों की ताद घटाकर जाम और प्रदूषण कम करना है, जिससे पर्यटकों को बेहतर माहौल मिले।
गुलमर्ग विकास प्राधिकरण के सीईओ तारिक हुसैन ने बताया कि इस योजना का असर देखने के बाद पुलिस, ट्रैफिक विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ समीक्षा की जाएगी। तभी तय होगा कि इसे आगे बढ़ाया जाए या नहीं।
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के मुताबिक जून में हुई विभागीय बैठक में यह कदम उठाने पर सहमति बनी थी। बैठक में माना गया कि वाहनों की बेतहाशा बढ़ोतरी से गंभीर जाम, हवा की गुणवत्ता खराब होना, शोर और एंबुलेंस जैसी आपात सेवाओं में रुकावट जैसी दिक्कतें आ रही हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पर्यावरण बचाने, टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों की सुरक्षा के लिए गुलमर्ग में निजी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना जरूरी हो गया है। प्रशासन का लक्ष्य भविष्य के लिए एक स्थायी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करना है।