दैनिक खबरनामा। शिमला, 12 जून: हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री पोषण (पीएम पोषण) योजना के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मिड-डे मील के वितरण को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। अब विद्यार्थियों को रोल नंबर के आधार पर एक साथ और व्यवस्थित तरीके से भोजन कराया जाएगा, ताकि धर्म, जाति या लिंग के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव और अलगाव को रोका जा सके।

स्कूल शिक्षा विभाग ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों के उप शिक्षा निदेशकों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अनुसार, पीएम पोषण योजना की हर महीने समीक्षा की जाएगी और जिला स्तर पर तैयार रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि योजना के संचालन में किसी प्रकार की अनियमितता या भेदभाव की शिकायत प्राप्त हुई है या नहीं, तथा शिकायत मिलने पर क्या कार्रवाई की गई।

निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में भोजन वितरण के दौरान सभी बच्चों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही समय-समय पर औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच भी की जाए। विभाग ने कहा है कि पीएम पोषण कार्यक्रम को बच्चों में सामाजिक समानता, अनुशासन और अच्छे संस्कार विकसित करने के माध्यम के रूप में भी उपयोग किया जाए।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति भेदभावपूर्ण गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन

पीएम पोषण योजना से जुड़ी शिकायतों और सुझावों के लिए निदेशालय में स्थापित टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-8007 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सभी स्कूल परिसरों में इस नंबर को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, ताकि विद्यार्थी, अभिभावक और आम नागरिक आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। हेल्पलाइन पर कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।

केंद्र से मिला 110 करोड़ रुपये का बजट

पीएम पोषण योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को केंद्र और राज्य के बीच 90:10 के अनुपात में वित्तीय सहायता मिलती है। चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए 110 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। राज्य सरकार ने केंद्र से मिड-डे मील वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग भी की है।

4.82 लाख विद्यार्थियों को मिलता है लाभ

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के करीब 4.82 लाख विद्यार्थियों को मिड-डे मील उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के संचालन के लिए 21,532 मिड-डे मील वर्कर और हेल्पर कार्यरत हैं। इसके अलावा हिमाचल सरकार ने बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए सप्ताह में दो दिन अंडा और केला उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शुरू की

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