दैनिक खबरनामा 21 अप्रैल 2026 चंडीगढ़ मोहाली स्थित CBI कोर्ट ने पंजाब के चर्चित IG गौतम चीमा मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने 20 दिसंबर 2024 को निचली अदालत द्वारा दिए गए दोषी करार और सजा के आदेश को रद्द कर दिया।कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसी आधार पर आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।अदालत ने निचली अदालत के फैसले पर भी सवाल उठाए और उसे तार्किक रूप से कमजोर व असंगत बताया। कोर्ट के अनुसार, जिन कमजोर सबूतों के आधार पर मुख्य आरोप खारिज किए गए, उन्हीं आधारों पर अन्य धाराओं में सजा देना कानूनन सही नहीं था।यह मामला 26 अगस्त 2014 की रात का है। आरोप था कि उस समय के IG गौतम चीमा अपने साथियों के साथ मोहाली फेज-1 थाने पहुंचे और हिरासत में मौजूद आरोपी सुमेध गुलाटी को जबरन छुड़ा लिया। शिकायत में यह भी कहा गया कि उसे बाद में अस्पताल ले जाकर मारपीट की गई और एक महिला को शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया गया।मामले में 30 अगस्त 2014 को फेज-1 थाना मोहाली में केस दर्ज हुआ था, जिसे बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर CBI को सौंप दिया गया।ट्रायल के दौरान 40 से ज्यादा गवाह पेश हुए, लेकिन कई अहम गवाह अपने बयानों से मुकर गए और किसी भी आरोपी की पहचान नहीं कर पाए। साथ ही, गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े पुख्ता रिकॉर्ड और दस्तावेज भी अदालत में पेश नहीं किए जा सके।अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि केस में सबूतों की कमी, गवाहों के विरोधाभासी बयान और पहचान परेड न होने के कारण आरोप साबित नहीं हो पाए। इन सभी पहलुओं को देखते हुए कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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