दैनिक खबरनामा 31 मार्च 2026 चंडीगढ़ नगर निगम में बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें 116.84 करोड़ रुपये की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) का रिकॉर्ड बैंक सिस्टम में नहीं मिला। जांच के दौरान 8.22 करोड़ रुपये से अधिक की तीन संदिग्ध एंट्रियां भी सामने आई हैं, जो निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खातीं। पुलिस के अनुसार फर्जी एफडीआर तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए गए सिस्टम्स को बरामद करने की कोशिश की जा रही है।इस मामले में नगर निगम के अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। मामला उजागर होने के बाद से वह फरार है और गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर कर चुका है। अन्य आरोपियों ने भी फर्जी दस्तावेज तैयार करने में उसका और बैंक कर्मचारी अभय कुमार का नाम लिया है।
पुलिस ने रिभव ऋषि, अभय कुमार और सीमा धीमान को अदालत में पेश किया, जहां चार दिन का रिमांड मंजूर किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ऑडिट मैनेज करने के लिए ऑडिटरों को खुश रखने हेतु उनके घरों पर सोलर पैनल लगवाए गए।जांच में 1 सितंबर 2025 को 4.98 करोड़ रुपये की अवैध पेमेंट का भी खुलासा हुआ, जो नगर निगम के खाते से सनलिव सोलर कंपनी को की गई थी। इस पूरे मामले में पुलिस अब घोटाले के नेटवर्क और अन्य शामिल अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।