दैनिक खबरनाशा। जम्मू, 26 अक्टूबर: शिव मार्केट में लगी भीषण आग ने दुकानदारों की सालों की मेहनत और जमा पूंजी को राख में बदल दिया। किसी की 35 साल पुरानी दुकान जलकर राख हो गई तो किसी के सामने परिवार का पेट पालने का संकट खड़ा हो गया। इस अग्निकांड में दुकानों के साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों की रोजी-रोटी भी छिन गई है।
एक दुकानदार ने भावुक होकर बताया कि उसकी दुकान करीब 35 साल पुरानी थी और आग में सब कुछ खत्म हो गया। उसने कहा कि मेरे यहां 10 लड़के काम करते थे। मेरी दुकान से 10 परिवारों का चूल्हा जलता था। अब सब कुछ बर्बाद हो गया। हम कुछ भी नहीं बचा पाए।
दुकानदारों का दर्द सिर्फ अपनी दुकान और नुकसान तक सीमित नहीं है। उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों की चिंता भी उन्हें सता रही है।
दुकानों के साथ रोजगार भी जला
दुकानदारों के मुताबिक बाजार की हर दुकान में औसतन चार से छह लोग काम करते थे, जबकि कुछ दुकानों में इससे ज्यादा कर्मचारी थे। ऐसे में आग की चपेट में आई 30 से ज्यादा दुकानों से जुड़े सैकड़ों लोगों की आजीविका पर संकट आ गया है।
दीवाली से पहले उजड़ा बाजार
अग्निकांड के बाद बाजार में हर तरफ तबाही का मंजर है। दुकानदारों की आंखों में आंसू हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि जिंदगी को दोबारा कैसे पटरी पर लाया जाए। दीवाली नजदीक है, लेकिन जिन परिवारों के लिए यह समय खुशियां और कारोबार लेकर आता था, उनके सामने अब भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।
कुछ घंटों में राख हुई जिंदगीभर की कमाई
दुकानदारों का कहना है कि उनकी जिंदगीभर की कमाई कुछ ही घंटों में राख हो गई। आग लगने की वजहों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। फिलहाल प्रभावित दुकानदारों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मदद के लिए आगे आएगा, ताकि वे फिर से अपना कारोबार शुरू कर सकें और कर्मचारियों के परिवारों की रोजी-रोटी बहाल हो सके।