दैनिक खबरनामा। जम्मू, 23 जुलाई: केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया है कि जम्मू और श्रीनगर को 100-100 और लद्दाख को 48 नई इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं। इस फैसले के बाद जम्मू में सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा सुविधाजनक, डिजिटल और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की कवायद तेज हो गई है।
जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत शहर में 100 और अत्याधुनिक ई-बसें उतारने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इन बसों के रखरखाव और संचालन के लिए भगवती नगर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास करीब 40 कनाल यानी लगभग 5 एकड़ जमीन पर नया ई-बस डिपो तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जल्द ही इस डिपो का शिलान्यास करेंगे। अधिकारियों के अनुसार डिपो का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद जनवरी 2027 से इन 100 नई बसों को यात्रियों के लिए शुरू किया जा सकता है।
डिपो और बसों की प्रमुख सुविधाएं
– महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा: जम्मू-कश्मीर सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत नई ई-बसों में भी महिलाओं से कोई किराया नहीं लिया जाएगा।
– तेज चार्जिंग व्यवस्था: डिपो में अत्याधुनिक डीसी फास्ट चार्जर लगेंगे। इनकी मदद से बसें 45 से 60 मिनट में 80 फीसदी तक चार्ज हो सकेंगी।
– सुरक्षा और यात्री सुविधाएं: सभी बसें वातानुकूलित होंगी। अंदर सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन पैनिक बटन, जीपीएस ट्रैकिंग, दिव्यांगजनों के लिए रैंप और क्यूआर कोड व एनसीएमसी कार्ड से डिजिटल टिकट की सुविधा दी जाएगी।
पर्यावरण और रोजगार को मिलेगा बल
फिलहाल जम्मू में 100 ई-बसें संचालित हैं और यात्रियों में काफी लोकप्रिय हैं। नई 100 बसें जुड़ने के बाद शहर में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 200 हो जाएगी। इससे डीजल और पेट्रोल वाहनों पर निर्भरता घटेगी और हर साल हजारों टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही बसों के संचालन और रखरखाव से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ डॉ. देवांश यादव ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के लिए कुल 200 नई ई-बसें मंजूर हुई हैं। जम्मू के हिस्से की 100 बसों के लिए भगवती नगर में डिपो बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिलान्यास जल्द होगा और सात से आठ महीने में काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद बसों को यहीं से चलाया जाएगा। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत इन बसों का निर्माण कारखानों में किया जा रहा है।