दैनिक खबबनामा । श्रीनगर, 3 जुलाई: जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में चल रहे आपसी मतभेद और खेमेबाजी को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को कड़ी कार्रवाई की। पार्टी ने दो वरिष्ठ सदस्यों मोहम्मद अनवर बट और बशीर अहमद खान की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।
दोनों निलंबित नेता एआईसीसी के सदस्य हैं और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विकार रसूल वानी व पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद के नजदीकी माने जाते हैं। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व कुछ अन्य नेताओं पर भी अनुशासनात्मक कदम उठा सकता है।
एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह फैसला अनुशासन समिति की रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों के आधार पर लिया। दोनों नेताओं पर पार्टी-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है, जिसके चलते उन्हें तुरंत प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखाया गया।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में पिछले कई महीनों से गुटबाजी का माहौल है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल वानी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद ने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद करा के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल रखा है।
पिछले महीने जम्मू में हुई एक बैठक में वानी ने प्रदेश अध्यक्ष करा और कुछ अन्य नेताओं पर तीखी टिप्पणियां की थीं। उन्होंने करा की वफादारी पर सवाल उठाते हुए उन पर पार्टी के सिद्धांतों से समझौता करने का आरोप लगाया था।
इस मामले की शिकायत करा ने कांग्रेस हाईकमान से की थी। इसके बाद कांग्रेस महासचिव संगठन के.सी. वेणुगोपाल ने वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल की अध्यक्षता में एक अनुशासन समिति बनाई। समिति में डॉ. अमर सिंह और रफीक खान को सदस्य नियुक्त किया गया।
यह समिति 20 जून को तीन दिन के दौरे पर कश्मीर पहुंची थी। वहां समिति ने प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद करा, राष्ट्रीय महासचिव गुलाम अहमद मीर, विकार रसूल वानी समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं से अलग-अलग मुलाकात की।
बताया जा रहा है कि समिति ने सभी संबंधित पक्षों से लिखित में उनका पक्ष मांगा था। जानकारी के मुताबिक करा और उनके समर्थकों ने कुछ नेताओं की कथित पार्टी-विरोधी गतिविधियों के सबूत और आपत्तिजनक बयानों के वीडियो समिति के सामने रखे थे।