दैनिक खबरनामा । शिमला, 3 जुलाई: हिमाचल प्रदेश में मानसून की आमद ने किसानों को राहत दी है, मगर कई इलाकों में मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं। शिमला, कांगड़ा, लाहुल-स्पीति और चंबा जिलों में अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं समेत चार लोगों की जान चली गई। वीरवार को रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रे पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। पिछले 24 घंटे में तेज बारिश और भूस्खलन के कारण 49 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। साथ ही 42 ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में बिजली गुल है। धान और मक्की की बुवाई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इस मौसम से फायदा मिला है।
लाहुल-स्पीति जिले में एचआरटीसी केलंग डिपो का चालक-परिचालक दल उदयपुर से मयाड़ घाटी रूट पर गया था। वीरवार सुबह जब वे उदयपुर लौट रहे थे, तब लडभड़ोल निवासी परिचालक ज्ञान सिंह बावड़ी के पास दातुन कर रहा था। इसी बीच नीचे झुकते ही पहाड़ी से एक पत्थर उसके सिर पर आ गिरा और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। चालक ने घटना की जानकारी उदयपुर थाने में दी। एसपी लाहुल-स्पीति शिवानी मेहला ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शिमला के रामपुर उपमंडल के पीपलीधार के निकट निरसु गांव के पास वीरवार को बिजली का झटका लगने से 60 वर्ष की एक महिला की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, केबल लाइन पर लोहे का पतला तार लटका हुआ था जो रास्ते में गिर गया था। यह तार लगभग आठ से नौ मीटर दूर बिजली के सर्विस वायर से जुड़े लोहे के तार के संपर्क में था। बारिश या किसी अन्य वजह से इसमें करंट आने की आशंका जताई जा रही है।
कांगड़ा जिले के देहरा उपमंडल के मसोट में टुल्लू पंप लगाते वक्त करंट लगने से एक प्लंबर की मौत हो गई। चंबा जिले के अगाहर गांव में पैर फिसलकर ढांक से गिरने के कारण एक महिला की जान चली गई।
चंबा जिले के भरमौर में वीरवार सुबह तेज बारिश के बाद सियूंर नाले में आई बाढ़ से ग्रीमा की तरफ जाने वाली सड़क का करीब 60 फीट हिस्सा पानी में बह गया। इससे होली-सियूंर-ग्रीमा मार्ग पर वाहनों का चलना बंद हो गया। चंबा-भरमौर एनएच दिनका घार में भूस्खलन होने से करीब चार घंटे तक मार्ग बंद रहा। बिलासपुर जिले में मूसलाधार बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई सड़कें पानी में डूब गईं। चेतना चौक तक सड़क पर पत्थर और मिट्टी आने से आवागमन बाधित हुआ।
अब तक नौ मौतें दर्ज
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून आने के बाद से अब तक विभिन्न कारणों से नौ लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इनमें चार की गिरने से, एक की डूबने से, एक की करंट से और तीन की अन्य वजहों से मौत हुई है। अब तक सात कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है।
आज चार जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने तीन जुलाई के लिए कांगड़ा और मंडी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कुल्लू, शिमला, सिरमौर और ऊना के कुछ क्षेत्रों के लिए भारी वर्षा का यलो अलर्ट है। हिमपात और बारिश के चलते दिन के तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। न्यूनतम तापमान में एक से पांच डिग्री सेल्सियस तक का बदलाव आया है।