दैनिक खबरनामा। जम्मू, 3 जून : जम्मू-कश्मीर को देश के प्रमुख वेलनेस और स्वास्थ्य पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में भी वेलनेस टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत जम्मू-कश्मीर आयुष सोसाइटी की शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने आयुष आधारित निवारक और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निजी क्षेत्र के सहयोग से एक प्रभावी वेलनेस नीति तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश को स्वास्थ्य एवं वेलनेस पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
2026-27 की कार्य योजना को मंजूरी
बैठक में वर्ष 2026-27 की राज्य वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी गई, जिसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय को भेजा जाएगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में प्रमुख आयुष जनकल्याण कार्यक्रमों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इनमें शामिल हैं:
ऑस्टियो आर्थराइटिस एवं अन्य मस्कुलोस्केलेटल रोगों की रोकथाम
कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक नियंत्रण कार्यक्रम
मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाएं
बुजुर्गों के लिए आयुष स्वास्थ्य सेवाएं
स्कूलों में स्वस्थ जीवनशैली कार्यक्रम, पैलिएटिव केयर
आयुष मोबाइल मेडिकल यूनिट
हर्बल गार्डन और रोजगार पर जोर
मुख्य सचिव ने आयुष संस्थानों की नियमित निगरानी, सरकारी परिसरों में हर्बल गार्डन विकसित करने और स्वयं सहायता समूहों को औषधीय जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से जोड़ने पर भी जोर दिया। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ-साथ स्वदेशी औषधीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) शैलेन्द्र कुमार ने नई योजनाओं के बजाय मौजूदा सुविधाओं को मजबूत और एकीकृत करने की सलाह दी और नशा मुक्ति अभियानों में आयुष आधारित हस्तक्षेपों को शामिल करने की आवश्यकता बताई।
आयुक्त सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा एम. राजू ने कहा कि वार्षिक कार्य योजना जिला स्तर के अधिकारियों और आयुष मेडिकल कॉलेजों के प्रमुखों से विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है। इसमें स्वास्थ्य अवसंरचना, मानव संसाधन विकास, संस्थागत क्षमता निर्माण और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के विस्तार पर ध्यान दिया गया है।
आयुष निदेशक डॉ. अजय कुमार टिक्कू ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के लिए लगभग 58.54 करोड़ रुपये की संसाधन सीमा निर्धारित की है, जबकि प्रदेश सरकार ने बढ़ती मांग को देखते हुए 91.99 करोड़ रुपये की व्यापक कार्य योजना प्रस्तावित की है।
इस योजना के तहत 523 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को सुदृढ़ किया जाएगा, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष इकाइयों का विस्तार होगा, अस्पतालों और औषधालयों में दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा नई स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्माण को गति दी जाएगी।
बैठक में राष्ट्रीय आयुष मिशन के प्रभावी संचालन के लिए जम्मू-कश्मीर आयुष सोसाइटी की कार्यकारी समिति के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई।