दैनिक खबरनामा । जम्मू, 2 जुलाई: जम्मू तवी रेलवे स्टेशन को आधुनिक रूप देने का काम जोरों पर है। 450 करोड़ रुपये की इस बड़ी योजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद स्टेशन सभी आधुनिक सुविधाओं वाला एक विश्वस्तरीय ट्रांजिट हब बन जाएगा।
जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने जानकारी दी कि पुनर्विकास के तहत प्लेटफॉर्मों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही नया स्टेशन भवन, एयर कॉनकोर्स, फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि काम के दो मुख्य भाग हैं। पहला, नए प्लेटफॉर्म और वाशिंग लाइनें बनाना। दूसरा, स्टेशन भवन को नए सिरे से विकसित करना।
संचालन क्षमता और सफाई व्यवस्था बेहतर होगी
इस योजना में नरवाल की तरफ नया एंट्री गेट बी-एंट्री बनाया जा रहा है। मुख्य स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण किया जाएगा। दोनों तरफ के भवनों को जोड़ने के लिए एक ऊंचा एयर कॉनकोर्स भी बनेगा। काम पूरा होने पर जम्मू रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या तीन से बढ़कर सात हो जाएगी। चार नए प्लेटफॉर्म पर बैलेस्टलेस ट्रैक तकनीक और धुलाई योग्य एप्रन की सुविधा होगी। इससे ट्रेनों का संचालन आसान होगा और साफ सफाई भी बेहतर रहेगी।
उचित सिंघल के अनुसार ट्रैक और प्लेटफॉर्म से जुड़ा ज्यादातर काम हो चुका है। नए प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। जम्मू श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस भी अब नए बने प्लेटफॉर्म से चल रही है। जल्द ही दूसरी ट्रेनों को भी नए प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नरवाल की ओर बन रहा नया प्रवेश द्वार लगभग तैयार है और इसे जल्द यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
वर्तमान भवन की जगह बनेगा आधुनिक टर्मिनल
नए टर्मिनल भवन के निर्माण के लिए मौजूदा मुख्य स्टेशन भवन को चरणों में हटाया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए दो नए 12 मीटर चौड़े फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। सातों प्लेटफॉर्म को जोड़ने वाला 72 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स भी तैयार हो रहा है। नरवाल की तरफ 4,500 वर्ग मीटर में नया स्टेशन भवन बन चुका है। वहीं मौजूदा भवन को 15,600 वर्ग मीटर के आधुनिक टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा।
परियोजना के तहत वाशिंग पिट लाइनों को तीन से बढ़ाकर पांच किया जाएगा। चार नई स्टेबलिंग लाइनें भी बनेंगी। पार्सल लाने ले जाने के लिए अलग साइडिंग भी विकसित की जा रही है। रेल सुरक्षा और संचालन को बेहतर करने के लिए पुरानी मैकेनिकल इंटरलॉकिंग प्रणाली की जगह नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लगाई जा रही है।
जम्मू मंडल की उपलब्धियों पर भी डाला प्रकाश
उचित सिंघल ने बताया कि जनवरी 2025 में जम्मू रेलवे मंडल बना और 1 जून 2025 से इसका औपचारिक संचालन शुरू हुआ। इसके बाद मंडल ने यात्री और माल परिवहन दोनों में अच्छी प्रगति की है। 6 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटड़ा श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी। इससे जम्मू और कश्मीर के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। वहीं अनंतनाग में कश्मीर घाटी का पहला मालगोदाम शुरू होने से बागवानी उत्पादों को ट्रेन से भेजने में मदद मिल रही है।