
नई दिल्ली, (दैनिक खबरनामा )2 जून, 2026 : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में संभावित बढ़ोतरी का इंतजार है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए मिल रहा है, लेकिन हालिया महंगाई आंकड़ों के आधार पर इसमें 3 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो डीए बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा।
सरकार आमतौर पर डीए संशोधन की घोषणा सितंबर या अक्टूबर में करती है, जबकि नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी मानी जाती हैं। ऐसे में घोषणा में देरी होने पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एरियर का लाभ भी मिलेगा। सितंबर में घोषणा होने पर लगभग तीन महीने और अक्टूबर में घोषणा होने पर चार महीने का एरियर मिलने की संभावना है।
महंगाई के आंकड़ों से बढ़ी उम्मीद
श्रम ब्यूरो द्वारा जारी अप्रैल 2026 के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (CPI-IW) के अनुसार सूचकांक बढ़कर 149.9 पर पहुंच गया है। इसी सूचकांक के आधार पर डीए और डीआर की गणना की जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी से जून 2026 तक के महंगाई आंकड़ों को देखते हुए डीए 63 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार द्वारा आधिकारिक गणना और घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
वेतन पर कितना पड़ेगा असर?
यदि डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो 18,000 रुपये के न्यूनतम मूल वेतन वाले कर्मचारी को हर महीने लगभग 540 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं। वहीं, एरियर सहित यह राशि सितंबर में घोषणा होने पर 1,620 रुपये और अक्टूबर में घोषणा होने पर 2,160 रुपये तक पहुंच सकती है। अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को इससे बड़ा लाभ मिलेगा।
8वें वेतन आयोग के बीच बढ़ा महत्व
डीए बढ़ोतरी की चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब कर्मचारी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि 50 प्रतिशत या उससे अधिक महंगाई भत्ते को मूल वेतन में समाहित किया जाए।
केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। उम्मीद है कि आयोग अपनी सिफारिशें अगले वर्ष की पहली छमाही में सरकार को सौंप सकता है। यदि नई वेतन संरचना को पूर्व प्रभाव से लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अतिरिक्त एरियर का लाभ भी मिल सकता है।
फिलहाल, जुलाई 2026 के डीए संशोधन को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।