दैनिक खबरनामा। शिमला, 18 अगस्त: हिमाचल प्रदेश में वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची की टिप्पणी के बाद कांग्रेस के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह मंगलवार को शिमला में पत्रकारों से मिले और ठियोग के विधायक व कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर के समर्थन में खुलकर सामने आए।
खाची ने हाल ही में ठियोग में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि कुलदीप राठौर को “11 लोग भी नहीं जानते थे”। इस टिप्पणी पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य ने कहा कि राठौर पार्टी के वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में गिने जाते हैं।
मंत्री ने राठौर की राजनीतिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एनएसयूआई के अध्यक्ष पद से शुरुआत की और आगे चलकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। लगभग चार दशक तक उन्होंने संगठन को जमीन से जोड़ने और उसे मजबूत करने का काम किया है।
विक्रमादित्य के मुताबिक राठौर पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरे और जीत दर्ज कर सदन तक पहुंचे। उनके अनुसार सिर्फ चुनावी नतीजों से ही किसी नेता के कद का आकलन नहीं किया जा सकता। विपक्ष में रहते हुए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर राठौर ने पार्टी को एकजुट रखा और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चले। राज्य में कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में भी उनका अहम योगदान रहा।
उन्होंने कहा कि असली नेतृत्व की पहचान किसी पद से नहीं होती, बल्कि संगठन के प्रति निष्ठा और जनता के प्रति जवाबदेही से होती है। राठौर की दूरदृष्टि, संगठन चलाने की क्षमता और सेवा भाव प्रदेश कांग्रेस और हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण पूंजी है।
खाची के बयान के बाद कांग्रेस के अंदर चल रही चर्चा के बीच विक्रमादित्य ने राठौर की छात्र राजनीति से लेकर प्रदेश स्तर तक की लंबी यात्रा को सामने रखते हुए उनके दशकों के परिश्रम को याद दिलाया।