दैनिक खबरनामा 25 अप्रैल 2026 Punjab and Haryana High Court ने जम्मू-कश्मीर के बहुचर्चित कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड के मुख्य आरोपी शुभम संगरा को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने टिप्पणी की कि यह अपराध इतना जघन्य है कि यह समाज की सामूहिक अंतरात्मा और न्यायिक चेतना दोनों को झकझोर देता है।आरोपी की ओर से दलील दी गई थी कि वह 19 जनवरी 2018 से लगातार हिरासत में है और अब तक 309 गवाहों में से केवल 41 की ही गवाही हो सकी है, इसलिए लंबी कैद के आधार पर उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल देव सिंह ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी इस जघन्य अपराध का मुख्य साजिशकर्ता है। मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया कि पीड़िता को भोजन नहीं दिया गया और उसे बेहोशी की दवाएं दी गईं, जबकि उसकी मौत दम घुटने से हुई।जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल की एकल पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट है और उस पर आठ वर्षीय बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या में मुख्य भूमिका के गंभीर आरोप हैं। ऐसे में उसे जमानत देना उचित नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल हिरासत की अवधि के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती, खासकर जब अपराध की प्रकृति और संभावित सजा अत्यंत गंभीर हो।हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मामले की सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश देते हुए एक वर्ष के भीतर ट्रायल पूरा करने को कहा। अदालत ने कहा कि शीघ्र सुनवाई का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है।गौरतलब है कि Kathua rape case को Supreme Court of India के आदेश पर कठुआ से पठानकोट स्थानांतरित किया गया था। 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आरोपी घटना के समय नाबालिग नहीं था और उस पर वयस्क के रूप में ही मुकदमा चलेगा। फिलहाल मामला पठानकोट की सत्र अदालत में लंबित